बस्तर ओलंपिक का शुभारंभ, खेल सामाजिक एकता व पारिवारिक सहभागिता का प्रतीक-अटामी
दंतेवाड़ा, 21 नवंबर 2025। जिला प्रशासन एवं खेल एवं युवा कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वाधान में आज दो दिवसीय जिला स्तरीय बस्तर ओलंपिक 2025 का शुभारंभ माँ दंतेश्वरी के छायाचित्र पर पूजा-अर्चना कर किया गया। कार्यक्रम का आगाज पारंपरिक रीति-रिवाजों और उत्साहपूर्ण माहौल के साथ हुआ, जिसमें खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों तथा अधिकारियों की उपस्थिति रही।
जिला स्तरीय बस्तर ओलंपिक 2025 के शुभारंभ अवसर पर विधायक श्री चैतराम अटामी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य शासन की मंशा के अनुरूप बस्तर ओलंपिक तथा बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों ने पूरे बस्तर संभाग की पहचान को नई दिशा दी है। उन्होंने बताया कि बस्तर पंडुम के माध्यम से यहाँ की समृद्ध संस्कृति, परंपराएँ, रीति-रिवाज, पारंपरिक खानपान और वेशभूषा को व्यापक मंच मिला है, जिससे नए युवाओं में अपनी जड़ों के प्रति गर्व और उत्साह जागृत हो रहा है। विधायक श्री अटामी ने बस्तर ओलंपिक की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह प्रतियोगिता केवल खेल महोत्सव नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और पारिवारिक सहभागिता का जीवंत प्रतीक बन चुकी है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि आज माँ-बेटी, पिता-बेटा और परिवार के अन्य सदस्य भी एक साथ मैदान में उतरकर खेलों के प्रति उत्साह और ऊर्जा का संदेश दे रहे हैं, जो बस्तर के लिए अत्यंत गर्व की बात है। विधायक ने आगे कहा कि इस वर्ष बस्तर ओलंपिक के लिए 40 हजार से अधिक प्रतिभागियों ने पंजीयन कराया है। गाँव-स्तर, पंचायत-स्तर और ब्लॉक-स्तर पर शानदार मुकाबलों के बाद चयनित खिलाड़ी अब जिला स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखा रहे हैं। विधायक ने कहा कि जिला स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी संभाग स्तर पर भी बस्तर का गौरव बढ़ाएँगे। विधायक ने यह भी जानकारी दी कि जिला स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को राज्य से प्राप्त प्रशस्ति-पत्र भी प्रदान किए जाएंगे, जिससे खिलाड़ियों का उत्साह कई गुना बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि बस्तर ओलंपिक ने खेलों के माध्यम से गाँवों से लेकर शहरों तक प्रतिभाओं की खोज को संभव बनाया है और यह आयोजन बस्तर क्षेत्र की खेल संस्कृति को नई दिशा देगा।
