आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं ने कलेक्टर को सौंपा 13 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन

मध्यप्रदेश की तर्ज पर प्रतिवर्ष 10 प्रतिशत मानदेय बढ़ाने की मांग
महासमुंद। छत्तीसगढ़ जुझारू आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका कल्याण संघ ने आज कलेक्टर विनय कुमार लंगेह से मुलाकात की। संघ के पदाधिकारियों ने 13 सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्टर और जिला कार्यक्रम अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है।
छत्तीसगढ़ जुझारू आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ की जिलाध्यक्ष सरोज चंद्राकर ने कलेक्टर और महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री जटवार को सौंपे ज्ञापन में कहा कि लंबे समय से जिले के आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका कल्याण संघ के द्वारा समय- समय पर अपनी लंबित मांगों को शासन प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत करते आए हैं, लेकिन बहुत सी हमारी मांगें जो आज भी लंबित है। जिस पर विचार करना आवश्यक है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं को शासकीय कर्मचारी घोषित किया जाए, और तब तक प्रतिवर्ष 10 प्रतिशत मानदेय मध्यप्रदेश की तर्ज पर वृद्धि की जाए। साथ ही पर्यवेक्षक भर्ती तत्काल निकाले जाए, और आयु सीमा बंधन हटाते हुए 50 प्रतिशत में पदोन्नति दी जाए। उन्होंने कहा कि सहायिकाओं को शत प्रतिशत पदोन्नति किया जाए, और उम्र का बंधन समाप्त किया जाना चाहिए। विभाग द्वारा जारी पोषण ट्रेकर एप में कार्य करने के लिए कार्यकर्ताओं को 5जी मोबाइल और नेट खर्च व आने वाली समस्याओं का निराकरण किया जाए एवं कार्यकर्ताओं का मानदेय ना काटा जाए और ना ही किसी प्रकार का दबाव बनाया जाए। ऑफलाइन प्रशिक्षण की व्यवस्था किया जाना चाहिए। इसी तरह आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं की सेवा समाप्ति पर 10 लाख दिया जाए। इसके अलावा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका को गंभीर बीमारी होने पर मेडिकल छुट्टी के साथ मानदेय दिया जाए, जिससे कि सभी को एक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो। प्रभार में दिये गये कार्यकर्ता व सहायिका को प्रोत्साहन राशि दिया जाए। छ.ग महिला कोष से कार्यकर्ता व सहायिका को ऋण उपलब्ध कराई जाए। ईधन की राशि समय पर उपलब्ध कराई जाए, जिसे कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों में गुणवत्तापूर्ण 1 सिलेंडर व 1 चुल्हा उपलब्ध कराई जाए।
आरटी आई के तहत 03 से 06 साल के बच्चों को स्कूल में भर्ती किया जा रहा है जिसके कारण आंगनवाड़ियों में बच्चों की संख्या दिन प्रतिदिन कम हो रही है, इसके लिए विभाग द्वारा ठोस निर्णय लिया जाना चाहिए, ताकि आंगनवाड़ियों में बच्चों की कमी ना हो। सुपोषण चौपाल की राशि एवं मातृत्व वंदना की राशि प्रत्येक माह दिया जाए। शासन द्वारा आंगनबाड़ियों में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाता है जिसमें कार्यकर्ताओं के लिए राशि आती है उसका खर्च किया जाए। सम्मान सुविधा प्रणाली को भी बंद किया जाए। इस अवसर पर बागबाहरा ब्लाॅक अध्यक्ष अनंता पाण्डेय, राजकुमारी दीवान, जमुना, चुन्नी साहू, पिनिता साहू, दुर्गा ठाकुर, गीता चक्रधारी, त्रिवेणी निषाद, नर्मदा दीवान, कोयल दीवान, भावनी सुर्यवंशी, दामिनी साहू, हिरौंदी ध्रुव आदि उपस्थित रहे।

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