लोकल आवक कम का बाजार पर पड़ा असर, सब्जियों के दाम बढ़े
बाहरी सब्जियों की खपत ज्यादा
महासमुंद। बिन्नी बाई सब्जी बाजार में लोकल सब्जियों की आवक कम होने से बाहरी सब्जियों के खपत बढ़ने से लोगों की जेब पर इसका सीधा असर पड़ने लगा है। बारिश के कारण सब्ज़ियां और अधिक मंहगी होने वाली है, जो लोगों की थाली का जायका बिगड़ सकता हैं।
बिन्नी बाई सब्जी बाजार में सब्जियों की बाहरी व स्थानीय आवक पर उनके दाम निर्भर है। बाहरी आवक अधिक होने से सब्जियाँ महंगी और स्थानीय आवक अधिक होने से दाम कम होते हैं। इन दिनों सब्जी बाजार में हर रोज 60 टन सब्जियां बिक्री के लिए पहुंच रही है। जिसमें से 50 टन बाहरी और मात्र 10 टन स्थानीय आवक है। बारिश शुरू होने के साथ ही आस-पास के गांव व फार्म हाऊस से स्थानीय आवक कम होने और बाहरी आवक अधिक होने के कारण अब सब्जियों के दाम बढ़ने शुरू हो गए हैं। सब्जी मंडी अध्यक्ष संतोष चंद्राकर का कहना है कुल सब्जियों की आवक में केवल 10 प्रतिशत ही स्थानीय सब्जी है जिसमें बैंगन, भिंडी, लौकी, कुम्हड़ा और भाजी ही आ रहे हैं। बाकी 90 प्रतिशत सब्जियों की बाहरी आवक है। इसलिए दाम बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस महीने के अंत तक सब्जियां और अधिक महंगी होगी क्योंकि पूरा बाजार सब्जियों की बाहरी आवक पर निर्भर हो जाएगा।
आज सब्जी बाजार में पिछले 10 दिनों की अपेक्षा सब्जियों की कीमत पर उछाल देखा गया है। चिल्हर बाजार में स्थानीय आवक वाली सब्जियां-लौकी 20 रुपए किलो, बैंगन 40, भिंडी 50, बरबट्टी 55 रुपए किलो बिक रही है। वहीं, फूल गोभी 60, पत्ता गोभी 40, टमाटर 40, अदरक 60, गाजर 40, कुंदरू 60, परवल 60, मुनगा 100, ढेंस 100, धनिया 80, मिर्ची 160, शिमला मिर्च 160, करेला 80, आलू 25, प्याज 30 रुपए बिक रहा है। बाजार में भाजियों की आवक कम हो रही है। मांग व क्वालिटी अच्छी न होने के कारण बाजार में उनकी कीमत में ज्यादा फर्क नहीं आया है।
बारिश के दिनों बाजार में गंदगी
बारिश में सब्जी बाजार जाने वाले ग्राहकों की शिकायत रहती है हर रोज सफाई न होने के कारण बाजार में गंदगी पसरी रहती है। खाली स्थानों में खराब सब्जियाँ फेंकी गई होती है जिसे मवेशी चारों तरफ फैला रहे हैं। जिससे गंदगी बढ़ती है। ग्राहकों का कहना है बाजार में कई दुकानें खाली है जहाँ गंदगी का अंबार रहता है, पर सफाई नहीं होती।
