‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली में महासमुंद से मानिक साहू ने उठाई मताधिकार की आवाज

दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की रैली में हुए शामिल, एसआईआर और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों पर विपक्ष ने उठाए सवाल
महासमुंद। लोकतंत्र, संविधान और मताधिकार की सुरक्षा के मुद्दे को लेकर 1 नवंबर को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित इंडिया गठबंधन की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली में महासमुंद जिला किसान कांग्रेस अध्यक्ष मानिक साहू शामिल हुए। उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं एवं विपक्षी गठबंधन के नेताओं के साथ रैली में सहभागिता करते हुए चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग का समर्थन किया।
रैली में विपक्षी दलों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), कथित वोट चोरी और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के आरोपों को प्रमुखता से उठाया। नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और पात्र मतदाताओं के मताधिकार की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की।
महारैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा सहित इंडिया गठबंधन के विभिन्न घटक दलों के प्रमुख नेता शामिल हुए। रैली से पहले विपक्षी नेताओं ने मिंटो रोड से रामलीला मैदान तक मार्च भी किया।
मानिक साहू ने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत जनता का वोट है। प्रत्येक पात्र नागरिक को बिना किसी भेदभाव के अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने का अवसर मिलना चाहिए। मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या पात्र मतदाताओं के नाम हटने की स्थिति गंभीर चिंता का विषय है। चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की निष्पक्षता और विश्वसनीयता लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी सहित विपक्षी नेता लगातार मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवाल उठा रहे हैं। ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली के जरिए विपक्ष ने मतदान के अधिकार, संवैधानिक मूल्यों और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता का मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर उठाया है।
मानिक साहू ने कहा कि महासमुंद जिला किसान कांग्रेस किसानों, मजदूरों और आम नागरिकों के अधिकारों के साथ लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र नागरिक का वोट सुरक्षित रहे और चुनाव प्रक्रिया में जनता का विश्वास कायम रहे, यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए जरूरी है।

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