पद्मश्री माता राजमोहिनी देवी के समाधि स्थल एवं आश्रम का कलेक्टर ने किया अवलोकन
माघ मेले में आज भी हजारों अनुयायी पहुंचकर करते हैं श्रद्धांजलि अर्पित
माता राजमोहिनी देवी की सामाजिक विरासत को सहेजने तथा संरक्षण की दिशा में पहल
सूरजपुर/25 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर श्रीमती रेना जमील ने प्रतापपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत गोविंदपुर (रजमेलान) पहुंचकर ऐतिहासिक एवं सामाजिक महत्व की दृष्टिकोण से पद्मश्री माता राजमोहिनी देवी के समाधि स्थल एवं आश्रम का परिसर का भ्रमण कर संरक्षण और रखरखाव अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने माता के अनुयायियों से संवाद कर उनके जीवन, सामाजिक योगदान एवं समाधि स्थल से जुड़ी जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्थल पर साफ-सफाई, आवश्यक सुविधाओं के विस्तार में आवश्यक पहल करने के निर्देश दिए।
इस दौरान पद्मश्री माता राजमोहिनी देवी जन सेवा संस्था आश्रम के संरक्षक त्रिभुवन सिंह टेकाम ने शासन द्वारा पूर्व में किये गए सहयोग की जानकारी दी। उन्होंने आश्रम के लिए आवश्यक पहल करने का आग्रह किया। इस पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
कलेक्टर श्रीमती जमील ने आश्रम परिसर का भी अवलोकन किया। इस दौरान माता राजमोहिनी देवी की पुत्री श्रीमती राम बाई ने पुष्प भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत किया। कलेक्टर ने माता की पुरानी कुटिया का भ्रमण किया, जहां श्रीमती राम बाई ने माता के जीवन से जुड़ी स्मृतियों, उनके द्वारा उपयोग किए जाने वाले पारंपरिक बर्तनों एवं अन्य सामग्री की जानकारी दी। कलेक्टर ने इन स्मृतियों को आत्मीयता से देखा तथा माता के जीवन और समाज सुधार से जुड़े प्रसंगों को जाना। उन्होंने परिसर स्थित मंदिर में भी दर्शन किया। साथ ही माता के जीवन पर आधारित पुस्तक तथा पद्मश्री सम्मान सहित अन्य सम्मान एवं मेडल का भी अवलोकन किया।
माता के अनुयायियों ने बताया कि पद्मश्री माता राजमोहिनी देवी ने आदिवासी समाज में व्याप्त सामाजिक कुरीतियों, अंधविश्वास, नशामुक्ति एवं शोषण के विरुद्ध जनजागरण का महत्वपूर्ण कार्य किया। उन्होंने विशेष रूप से आदिवासी महिलाओं के अधिकारों, स्वाभिमान एवं स्वावलंबन को बढ़ावा देने के लिए उल्लेखनीय योगदान दिया। उनके सामाजिक कार्यों के सम्मान में भारत सरकार ने वर्ष 1989 में उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया था। अनुयायियों ने बताया कि माता के प्रति लोगों की आस्था आज भी कायम है और प्रतिवर्ष माघ मेले में हजारों अनुयायी पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। माता की पुत्री श्रीमती राम बाई उनके जीवन से जुड़ी स्मृतियों एवं सामाजिक विरासत को सहेजने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
निरीक्षण के दौरान श्रीमती राम बाई एवं समिति के संरक्षक त्रिभुवन सिंह टेकाम एवं अन्य अनुयायियों ने अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए कलेक्टर के समक्ष अपनी बात रखी। जिस पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक पहल करने के निर्देश दिए, ताकि समाधि स्थल एवं आश्रम का समुचित विकास हो सके और पद्मश्री माता राजमोहिनी देवी की प्रेरणादायी स्मृतियों एवं समाज सेवा की विरासत को संरक्षित किया जा सके। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ विजेंद्र सिंह पाटले, अनुविभागीय अधिकारी प्रतापपुर रमेश मोर सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
