मौसम पूर्वानुमान को देखते हुए कृषि विभाग द्वारा किसानों को दिए गए सम -सामयिक सलाह
पकी फसलों की कटाई 2 से 4 दिन टालने की अपील, फसलों, सब्जियों, फलदार पौधों एवं पशुधन की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय अपनाने की सलाह
उत्तर बस्तर कांकेर, 25 अक्टूबर 2026/ आगामी दिनों में वर्षा की संभावना को देखते हुए कृषि विभाग द्वारा किसानों के लिए कृषि सलाह जारी की गई है। किसानों से अपील की गई है कि वे मौसम की स्थिति को देखते हुए आवश्यक एहतियाती उपाय अपनाएं, ताकि संभावित नुकसान से बचा जा सके।
*पकी फसलों की कटाई फिलहाल टालने की सलाह*
कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि धान, दलहन एवं तिलहन की खड़ी फसलें पकने की अवस्था में हैं, तो आगामी 2 से 4 दिनों तक कटाई टालें। जिन किसानों ने फसल की कटाई शुरू कर दी है, वे कटी हुई फसल को शीघ्र सुरक्षित स्थान पर रखें। खेतों में अतिरिक्त पानी की निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करें तथा फसलों की नियमित निगरानी करें। कीट या बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर मौसम साफ होने के बाद ही कीटनाशक अथवा कवकनाशक का छिड़काव करें।
उतेरा फसल के रूप में तिवरा या अलसी की बुवाई करने वाले किसानों को कुछ दिनों तक बुवाई स्थगित रखने की सलाह दी गई है। वहीं, रबी फसल लेने के इच्छुक किसान नवंबर के प्रथम सप्ताह से बुवाई शुरू कर सकते हैं।
*सब्जियों एवं फलदार पौधों की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय*
वर्षा एवं तेज हवा की संभावना को देखते हुए किसानों को करेला, लौकी सहित अन्य कद्दूवर्गीय बेल वाली सब्जियों में सहारा देने की व्यवस्था करने की सलाह दी गई है। केले के जिन पौधों में फूल एवं फल आ चुके हैं, उन्हें बांस से सहारा दें, ताकि तेज हवा से पौधों को नुकसान न हो। भारी से अति भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए खेतों से जल निकासी की समुचित व्यवस्था भी सुनिश्चित करें।
कृषि विभाग ने फूलगोभी, ब्रोकली, चुकंदर, पछेती खीरा एवं पछेती करेला सहित रबी मौसम की सब्जियों की बुवाई नवंबर के प्रथम सप्ताह से करने की सलाह दी है। ओलावृष्टि की स्थिति में नुकसान से बचाव के लिए उपलब्धता के अनुसार बागवानी एवं सब्जियों की फसलों में ओलावृष्टिरोधी जाली का उपयोग करने की सलाह भी दी गई है।
*पशुधन की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान देने की अपील*
मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों को देखते हुए पशुपालकों को पशुओं को सूखे एवं सुरक्षित स्थानों पर रखने तथा उनके लिए पर्याप्त चारे और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था करने की सलाह दी गई है। वज्रपात की आशंका के दौरान पशुओं को चराते समय पेड़ों के नीचे आश्रय लेने से बचने की अपील की गई है।
कलेक्टर कुन्दन कुमार ने किसानों से मौसम संबंधी पूर्वानुमान एवं चेतावनियों पर नजर रखने तथा जारी कृषि सलाह का पालन करने की अपील की है। किसानों को अधिक जानकारी एवं आवश्यक मार्गदर्शन के लिए अपने क्षेत्र के कृषि विस्तार अधिकारी अथवा कृषि विभाग कार्यालय से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
