जांच के आदेश के बावजूद नाली तोड़कर निर्माण शुरू, कलेक्टर से तत्काल रोक की मांग

शास्त्री चौक-भलेसर रोड में विवादित नाली का मामला; शिकायतकर्ता बोला- 25 अक्टूबर तक नहीं हुआ स्थल निरीक्षण, जांच से पहले बदल दी गई मौके की स्थिति
महासमुंद। वार्ड क्रमांक 29 के शास्त्री चौक-भलेसर रोड में नाली निर्माण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। नागरिक श्रवण चंद्राकर ने कलेक्टर से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करते हुए विवादित स्थल पर चल रहे नाली तोड़ने और नए निर्माण कार्य पर रोक लगाने की मांग की है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि नगर पालिका परिषद द्वारा 15 अक्टूबर 2026 को संयुक्त स्थल निरीक्षण, सीमांकन और जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन 25 अक्टूबर तक न तो स्थल जांच की गई और न ही उन्हें निरीक्षण की सूचना दी गई।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, जांच और सीमांकन की प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही विवादित स्थल की पुरानी नाली को तोड़कर नया निर्माण शुरू कर दिया गया। इससे मौके की मूल स्थिति बदलने और प्रस्तावित निष्पक्ष जांच प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।
2009 के न्यायालयीन प्रकरण से लेकर नक्शे और एलाइनमेंट तक जांच की मांग
श्रवण चंद्राकर ने कलेक्टर से वर्ष 2009 में हुए न्यायालयीन प्रकरण सहित राजस्व अभिलेखों की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने नाली की पूर्व स्थिति, स्वीकृत नक्शा, ड्राइंग, एलाइनमेंट तथा निर्माण की स्वीकृति से संबंधित दस्तावेजों की भी निष्पक्ष जांच कराने का अनुरोध किया है।
इसके साथ ही उन्होंने 6 अक्टूबर 2026 को नाली हटाने की कार्रवाई किस आदेश अथवा सूचना के आधार पर की गई, उसकी प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराने की मांग की है। शिकायतकर्ता ने वर्तमान स्थल की स्थिति के फोटो, माप और अन्य साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की भी मांग रखी है, ताकि जांच के दौरान वास्तविक तथ्यों से छेड़छाड़ की कोई गुंजाइश न रहे।
‘जांच से पहले निर्माण शुरू करना न्यायोचित नहीं’
शिकायतकर्ता का कहना है कि जब संयुक्त स्थल निरीक्षण और सीमांकन के स्पष्ट निर्देश जारी किए जा चुके थे, तब जांच पूरी होने से पहले नाली तोड़कर नया निर्माण शुरू करना न्यायोचित नहीं है। उन्होंने अपनी उपस्थिति में राजस्व विभाग, नगर पालिका अधिकारियों और संबंधित पक्षों के साथ संयुक्त स्थल निरीक्षण एवं सीमांकन कराने की मांग की है।
उन्होंने कलेक्टर से निष्पक्ष जांच पूरी होने तक विवादित स्थल पर यथास्थिति बनाए रखने, निर्माण कार्य तत्काल रोकने तथा यदि जांच के आदेशों की अनदेखी की गई है तो जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।

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