धान खरीदी में पारदर्शिता और किसानों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता : कलेक्टर
धान खरीदी की तैयारियों को लेकर प्रशिक्षण आयोजित
कलेक्टर ने प्रारंभिक तैयारियों की समीक्षा कर सभी व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण करने के दिए निर्देश
सूरजपुर/25 अक्टूबर 2026/ खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान खरीदी की तैयारियों को लेकर संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर श्रीमती रेना जमील की उपस्थिति में प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इस दौरान कलेक्टर ने धान खरीदी की तैयारियों की समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों एवं उपार्जन समितियों को आवश्यक निर्देश भी दिए। बैठक में अपर कलेक्टर राम सिंह ठाकुर, खाद्य अधिकारी, जिला विपणन अधिकारी, सहित संबंधित विभागों के अधिकारी, समिति प्रबंधक, ऑपरेटर संबंधित जन उपस्थित रहें।
कलेक्टर श्रीमती जमील ने कहा कि धान खरीदी की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो। उन्होंने खरीदी शुरू होने से पहले सभी उपार्जन केंद्रों में सुरक्षा व्यवस्था, आवश्यक संसाधन एवं मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही उपार्जन केन्द्रों में सूचना पटल पर आवश्यक जानकारियां प्रदर्शित करने और शासन के निर्धारित नियमों का कड़ाई से पालन करने को कहा। जिले में इस वर्ष 60 उपार्जन केन्द्रों में खरीदी की जायेगी जिसमें नवीन उपार्जन केन्द्र तिवारागुड़ी, रामतीर्थ, बड़सरा, बुंदिया, जजावल, दुलदुली शामिल है।
कलेक्टर ने किसान पंजीयन की स्थिति की समीक्षा करते हुए उपार्जन केंद्रों में मॉइस्चर मशीन, इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन, बायोमेट्रिक मशीन सहित अन्य उपकरणों की उपलब्धता एवं क्रियाशीलता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने केन्द्रों में बारदाने की पर्याप्त उपलब्धता, किसानों के लिए समुचित व्यवस्था रखने को कहा। साथ ही टोकन जारी करने से लेकर धान की तौल तक किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसका विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। उन्होंने उपार्जन केंद्रों की मैपिंग संबंधी समस्याओं का खरीदी शुरू होने से पहले निराकरण करने तथा विकासखंड स्तर पर अधिकारी-कर्मचारियों का प्रशिक्षण समय पर पूर्ण कराने को कहा।
कलेक्टर श्रीमती रेना जमील ने धान खरीदी के साथ-साथ उपार्जित धान के समय पर उठाव एवं संग्रहण केंद्रों तक परिवहन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खरीदी केंद्रों में धान का अनावश्यक भंडारण न हो। इसके लिए संबंधित अधिकारी परिवहन एवं संग्रहण की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित करें, ताकि खरीदी कार्य भी प्रभावित न हो। इस दौरान उन्होंने कहा कि मौसम में बदलाव की स्थिति में धान को नुकसान न पहुंचे, इसके लिए भी पहले से आवश्यक तैयारी रखें।
कलेक्टर ने सीमावर्ती चेक पोस्ट एवं संवेदनशील उपार्जन केंद्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धान खरीदी के दौरान दलालों एवं बिचौलियों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखें और अनियमितता पाए जाने पर तत्काल नियमानुसार कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि वास्तविक किसानों को शासन की धान खरीदी का लाभ दिलाना सर्वाेच्च प्राथमिकता है। धान खरीदी प्रक्रिया में लापरवाही एवं अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान उन्होंने विगत वर्ष के धान उठाव एवं कस्टम मिलिंग की स्थिति की भी समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर ने किसानों की ऋण सूची पंचायत स्तर पर चस्पा करने और मुनादी के माध्यम से इसकी जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाने को कहा। ताकि सूची के संबंध में आपत्ति होने पर किसान तहसील अथवा अनुविभाग स्तर पर आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय से धान खरीदी की तैयारियां निर्धारित समय-सीमा में पूरी करने तथा किसानों की समस्याओं का त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए।
