ट्रेनें रद्द कर जनता को परेशान करना बंद करे सरकार : विनोद चंद्राकर

पूर्व विधायक का आरोप- वोट चोरी के सवालों से घबराकर लोकतांत्रिक विरोध को दबाने का प्रयास, त्योहार और वैवाहिक सीजन में यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें
महासमुंद। पूर्व विधायक विनोद सेवन लाल चंद्राकर ने ट्रेनों के लगातार रद्द होने को लेकर केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी द्वारा उठाए जा रहे ‘वोट चोरी’ के सवालों से सरकार घबराई हुई है और लोकतांत्रिक तरीके से हो रहे विरोध को दबाने के लिए आम जनता की आवाजाही के प्रमुख साधन रेल सेवाओं को प्रभावित किया जा रहा है। हालांकि, रेलवे की ओर से झारसुगुड़ा पैसेंजर यार्ड में अधोसंरचना विकास और नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य के कारण ट्रेनों के परिचालन में बदलाव की जानकारी दी गई है।
चंद्राकर ने कहा कि वैवाहिक सीजन में बड़ी संख्या में लोगों ने महीनों पहले शादी समारोह और अन्य पारिवारिक कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए कंफर्म रेल टिकट बुक कराए थे। ऐसे समय में झारसुगुड़ा यार्ड में प्रस्तावित कार्य के चलते 50 से अधिक ट्रेनों के अलग-अलग तारीखों में रद्द होने से यात्रियों के सामने वैकल्पिक यात्रा की समस्या खड़ी हो गई है। प्रभावित ट्रेनों में टाटानगर-इतवारी एक्सप्रेस, हावड़ा-पुणे दुरंतो, पुणे-हावड़ा दुरंतो समेत कई लंबी दूरी की गाड़ियां शामिल हैं। कुछ ट्रेनों के मार्ग बदले गए हैं, जबकि कुछ का परिचालन निर्धारित गंतव्य से पहले समाप्त किया जाना है।
उन्होंने कहा कि इसका असर छत्तीसगढ़ के अलावा महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार, झारखंड, गुजरात और अन्य राज्यों के बीच सफर करने वाले यात्रियों पर पड़ना तय है। कारोबारियों, नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों और शादी समारोह में शामिल होने जा रहे परिवारों को अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़ सकती है।
नौ महीने में 840 ट्रेनें रद्द होने का दावा
चंद्राकर ने कहा कि ट्रेन रद्द होने का यह सिलसिला नया नहीं है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक जनवरी से सितंबर 2026 के बीच बिलासपुर रेल मंडल में 840 ट्रेनें रद्द हुईं और 46 मेमू ट्रेनों को बीच रास्ते समाप्त किया गया। रिपोर्ट के अनुसार अप्रैल में सबसे अधिक 234 ट्रेनें रद्द हुई थीं।
पूर्व विधायक ने कहा कि तीसरी-चौथी रेल लाइन, मेगा ब्लॉक और नॉन-इंटरलॉकिंग जैसे कार्यों के कारण लगातार रेल सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। उनका कहना है कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन इसकी कीमत यात्रियों को लगातार परेशान करके नहीं चुकाई जानी चाहिए।
दीपावली-छठ से पहले स्पेशल ट्रेनों की मांग
चंद्राकर ने कहा कि दीपावली और छठ जैसे बड़े त्योहार नजदीक हैं। ऐसे में उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और दिल्ली की ओर जाने वाली नियमित ट्रेनों में अभी से दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने रेल मंत्रालय से मांग की कि यात्रियों की संभावित भीड़ को देखते हुए पर्याप्त संख्या में स्पेशल ट्रेनों की घोषणा जल्द की जाए, ताकि त्योहारों के दौरान यात्रियों को राहत मिल सके।
उन्होंने कहा कि रेलवे को ट्रेनों के रद्द होने, मार्ग परिवर्तन और शॉर्ट टर्मिनेशन की जानकारी यात्रियों तक समय पर पहुंचानी चाहिए तथा वैकल्पिक व्यवस्था भी सुनिश्चित करनी चाहिए। चंद्राकर ने रेल मंत्रालय से ट्रेनों के परिचालन में व्यवधान के वास्तविक कारणों को स्पष्ट करने और यात्रियों की समस्याओं का तत्काल समाधान करने की मांग की।
पूर्व विधायक ने कहा कि विकास कार्यों के नाम पर यात्रियों की परेशानी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने चेतावनी दी कि जनता की समस्याओं की अनदेखी का जवाब आने वाले समय में जनता अपने तरीके से देगी।

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