गांधी के सत्य-अहिंसा के संदेश को जीवन में उतारने का लिया संकल्प

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संगठन ने मनाई राष्ट्रपिता की जयंती, स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान को किया याद
महासमुंद। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संगठन की ओर से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती मनाई गई। कार्यक्रम में संगठन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने महात्मा गांधी के व्यक्तित्व एवं स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
संगठन के महामंत्री कुबेर प्रकाश गिरी गोस्वामी ने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य, अहिंसा, स्वच्छता और मानवता के मार्ग पर चलकर पूरी दुनिया को शांति का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि गांधी के आदर्शों को जीवन में अपनाकर स्वच्छ, शांतिपूर्ण और समृद्ध भारत के निर्माण में योगदान देना चाहिए।
अध्यक्ष नारायण नामदेव ने कहा कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में महात्मा गांधी का योगदान अतुलनीय और निर्णायक रहा। उन्होंने सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए देश को ब्रिटिश शासन से आजादी दिलाने के आंदोलन को व्यापक जनभागीदारी से जोड़ा।
कार्यक्रम में गांधीजी के प्रमुख आंदोलनों को भी याद किया गया। वक्ताओं ने बताया कि 1917 का चंपारण सत्याग्रह, 1918 का खेड़ा सत्याग्रह और अहमदाबाद मिल मजदूर आंदोलन गांधीजी के संघर्षों के महत्वपूर्ण पड़ाव रहे। इसके बाद असहयोग आंदोलन ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ व्यापक जनआंदोलन का रूप लिया।
वक्ताओं ने 12 मार्च 1930 को साबरमती आश्रम से दांडी मार्च और 6 अप्रैल 1930 को नमक कानून तोड़कर सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरुआत को भी स्वतंत्रता संग्राम के महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में रेखांकित किया। वहीं 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन और गांधीजी के ‘करो या मरो’ के आह्वान को भी याद किया गया।
कार्यक्रम में संगठन के उपाध्यक्ष चित्रसेन गिरी, संजय गिरी, बसंत चंद्राकर, योगेश जैन, राकेश झाबक, संजीव साहू, आनंद गिरि, शेषनारायण, हर्षवर्धन, मनोज गिरी सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम की जानकारी कृष्ण कुमार साहू ने दी।