अपराधियों के लिए छत्तीसगढ़ बना अभयारण्य : आलोक चंद्राकर
कांग्रेस संयुक्त महामंत्री का साय सरकार पर हमला, कानून व्यवस्था ध्वस्त; महासमुंद में 12 दिनों में 18 नाबालिगों के अपहरण के मामले चिंता का विषय
महासमुंद। जीव-जंतु कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष एवं कांग्रेस के प्रदेश संयुक्त महामंत्री आलोक चंद्राकर ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में अपराध लगातार बढ़ रहे हैं और सरकार अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में विफल रही है। चाकूबाजी, लूट, हत्या, चोरी, बलात्कार, नकबजनी और नाबालिग लड़कियों के अपहरण जैसी घटनाओं का लगातार सामने आना चिंता का विषय है।
चंद्राकर ने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति कमजोर होने से अपराधियों के हौसले बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन को अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए सख्ती से काम करना चाहिए, लेकिन मौजूदा स्थिति में आम लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है।
नशे के कारोबार पर भी उठाए सवाल
कांग्रेस नेता ने प्रदेश में अवैध नशीले पदार्थों के कारोबार को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि नशीली टेबलेट, नशीली सिरप, अवैध शराब और अन्य मादक पदार्थों का कारोबार कई क्षेत्रों में फैल रहा है, जिसकी चपेट में युवा वर्ग आ रहा है। चंद्राकर ने आरोप लगाया कि राजनीतिक और प्रशासनिक संरक्षण के बिना इस तरह का अवैध कारोबार लंबे समय तक चलना संभव नहीं है।
उन्होंने सरकार पर कमीशनखोरी और अवैध कारोबारियों को संरक्षण देने के आरोप भी लगाए। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में उन्होंने कोई स्वतंत्र दस्तावेज या प्रमाण सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत नहीं किया।
महासमुंद में 12 दिनों में 18 नाबालिगों के अपहरण का दावा
चंद्राकर ने महासमुंद जिले में नाबालिग लड़कियों की सुरक्षा को लेकर विशेष चिंता जताई। उन्होंने दावा किया कि 20 से 31 अगस्त के बीच जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में 18 नाबालिग लड़कियों के अपहरण के मामले दर्ज हुए हैं। उन्होंने इस आंकड़े को गंभीर बताते हुए कहा कि इससे बेटियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े होते हैं।
उन्होंने कहा कि महासमुंद शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक चाकूबाजी सहित अन्य आपराधिक घटनाएं भी सामने आ रही हैं। ऐसे मामलों में पुलिस को त्वरित कार्रवाई के साथ अपराधों की रोकथाम के लिए प्रभावी रणनीति बनानी चाहिए।
‘समय रहते नहीं रोका तो स्थिति गंभीर होगी’
आलोक चंद्राकर ने कहा कि पुलिस की कार्यप्रणाली और सरकार की अपराध नियंत्रण नीति की समीक्षा जरूरी है। उन्होंने कहा कि अपराध और नशे के अवैध कारोबार पर समय रहते प्रभावी अंकुश नहीं लगाया गया तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। उन्होंने सरकार से कानून-व्यवस्था मजबूत करने, नशे के कारोबार पर कठोर कार्रवाई करने और महिलाओं एवं नाबालिगों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
