शेयर मार्केट में मुनाफे का झांसा देकर 6.80 लाख की साइबर ठगी, दो आरोपी इंदौर से गिरफ्तार
फर्जी नाम और सिम से पीड़ित को बनाया शिकार; अलग-अलग बैंक खातों में जमा कराई रकम
महासमुंद। शेयर मार्केट में ट्रेडिंग के नाम पर अधिक मुनाफा दिलाने का झांसा देकर महासमुंद के युवक से 6 लाख 80 हजार रुपए की साइबर ठगी करने के मामले में साइबर पुलिस ने दो आरोपियों को इंदौर से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी फर्जी नाम और मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कर पीड़ित से संपर्क करते थे और उसे शेयर मार्केट में ट्रेडिंग के नाम पर लगातार रकम जमा करने के लिए प्रेरित करते थे।
आरोपियों के कब्जे से छह मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।
एसपी प्रभात कुमार के अनुसार महासमुंद के वार्ड नंबर-15, नेहरू चौक निवासी मेहुल लुनिया (27) ने साइबर थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक 2 फरवरी 2026 को उसके मोबाइल पर नंबर 7024934475 से कॉल आया। कॉल करने वाले ने अपना नाम विश्वजीत बताते हुए शेयर मार्केट ट्रेडिंग से संबंधित जानकारी देने की बात कही। इसके बाद पीड़ित को पर्सनल डीमैट अकाउंट के जरिए ट्रेडिंग कराई गई, जिसमें उसे करीब 70 से 80 हजार रुपए का नुकसान हुआ।
इसके बाद एक अन्य व्यक्ति ने हर्ष भारद्वाज के नाम से मोबाइल नंबर 7223924991 से संपर्क किया। उसने पीड़ित को बताया कि इंडियन स्टॉक मार्केट में उसकी रुचि नहीं है और फॉरेक्स ट्रेडिंग में काम करने की सलाह दी। इसी दौरान पीड़ित को एक ट्रेडिंग कंपनी से जोड़कर अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा कराई गई। बाद में ट्रेडिंग में अधिक लाभ का लालच देकर उससे लगातार और रकम जमा करने के लिए कहा गया।
तीन खातों में जमा कराई रकम
जांच में सामने आया कि आरोपी ऋषि राठौर के केनरा बैंक खाते में 2.50 लाख रुपए, जितेंद्र शर्मा के बैंक ऑफ इंडिया खाते में 2.90 लाख रुपए तथा अनिकेत शर्मा, निवासी सीहोर के एक्सिस बैंक खाते में 1.02 लाख रुपए जमा कराए गए। इसके अलावा ऋषि राठौर और जितेंद्र शर्मा के खातों में छोटी-बड़ी रकम ट्रांसफर कराकर कुल 6.80 लाख रुपए की ठगी किए जाने की बात सामने आई है।
एसपी के अनुसार ऋषि राठौर और जितेंद्र शर्मा ने मिलकर अधिक लाभ का लालच देकर मेहुल को शेयर मार्केट ट्रेडिंग में निवेश के लिए प्रेरित किया। पूछताछ के दौरान आरोपियों के कथनों और तकनीकी जांच से उनके द्वारा फर्जी पहचान का इस्तेमाल किए जाने की जानकारी सामने आई। ऋषि राठौर ने बातचीत के दौरान अपना नाम हर्ष भारद्वाज, देवांगन सर आदि बताया, जबकि जितेंद्र शर्मा ने विश्वजीत शर्मा के नाम से पहचान छिपाकर संपर्क किया।
इंदौर में दबिश देकर पकड़े गए आरोपी
एसपी ने बताया कि, तकनीकी जांच के आधार पर आरोपियों के मोबाइल नंबर और लोकेशन की जानकारी जुटाई। आरोपियों के इंदौर में होने की पुष्टि के बाद पुलिस टीम ने दबिश देकर दोनों को गिरफ्तार किया। 22 सितंबर 2026 को गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर ट्रांजिट रिमांड लिया गया।
मामले में साइबर थाना में धारा 318(4) बीएनएस एवं 66 डी आईटी एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर जांच की जा रही है। पुलिस ने आरोपी ऋषि राठौर के कब्जे से चार और जितेंद्र शर्मा उर्फ जीत उर्फ विश्वजीत के कब्जे से दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं।
पुलिस की जांच में फर्जी नाम, मोबाइल नंबर और अलग-अलग बैंक खातों के इस्तेमाल से ठगी का तरीका सामने आया है। मामले में अन्य लोगों की भूमिका और रकम के लेन-देन की भी जांच की जा रही है।
