उल्लास नवभारत के तहत 27 सितंबर को होगी बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान आकलन परीक्षा

कलेक्टर रणबीर शर्मा ने नवसाक्षरों से उत्साह के साथ शामिल होने की अपील की
गरियाबंद, 24 सितंबर 2026/ किसी व्यक्ति के लिए साक्षरता केवल अक्षरों को पहचानने या अपना नाम लिखने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और सम्मान के साथ जीवन जीने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। साक्षर व्यक्ति दस्तावेजों को पढ़ और समझ सकता है, बैंक एवं वित्तीय सेवाओं का उपयोग कर सकता है तथा अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति अधिक जागरूक बन सकता है।
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में वयस्कों को पढ़ने-लिखने के साथ जीवनोपयोगी ज्ञान एवं आवश्यक कौशल से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में 27 सितंबर 2026 को जिले में बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान आकलन परीक्षा आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा के माध्यम से नवसाक्षरों के पढ़ने-लिखने तथा संख्या ज्ञान का आकलन किया जाएगा।
कलेक्टर एवं जिला साक्षरता मिशन के अध्यक्ष रणबीर शर्मा ने जिले के सभी नवसाक्षरों से अपील की है कि वे पूरे उत्साह और आत्मविश्वास के साथ आकलन परीक्षा में शामिल हों। उन्होंने कहा कि यह परीक्षा केवल ज्ञान का आकलन नहीं, बल्कि नवसाक्षरों की सीखने और आगे बढ़ने की यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, स्वयंसेवी शिक्षकों, अधिकारियों-कर्मचारियों, विद्यार्थियों, सामाजिक संगठनों एवं नागरिकों से भी अपील की है कि वे अपने आसपास के ऐसे लोगों को साक्षरता अभियान से जोड़ने में सहयोग करें, जो अभी पढ़ना-लिखना नहीं जानते।
कलेक्टर शर्मा ने कहा कि एक व्यक्ति के साक्षर होने से उसके परिवार में जागरूकता बढ़ती है और इसका सकारात्मक प्रभाव पूरे समाज पर पड़ता है। उन्होंने जिलेवासियों से 27 सितंबर को आयोजित होने वाली आकलन परीक्षा में नवसाक्षरों की सहभागिता सुनिश्चित करने तथा ‘साक्षर गरियाबंद’ के संकल्प को साकार करने में सहयोग की अपील की है।

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