‘सेवा संकल्प’ नहीं, बेरोजगारी-महंगाई और वादाखिलाफी दिवस मनाए भाजपा : कांग्रेस

कांग्रेस का आरोप- मोदी सरकार के दावों और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर, छत्तीसगढ़ में भी ‘मोदी की गारंटी’ अधूरी
महासमुंद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन और उनके लंबे राजनीतिक कार्यकाल को भाजपा द्वारा ‘सेवा और समर्पण’ के रूप में मनाए जाने पर कांग्रेस ने तीखा हमला बोला है। महासमुंद में आयोजित संयुक्त पत्रकार वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भाजपा को जन्मदिन को सेवा संकल्प के बजाय ‘बेरोजगारी दिवस, महंगाई दिवस, वादाखिलाफी दिवस और किसान दंगा दिवस’ के रूप में मनाना चाहिए। नेताओं ने मोदी सरकार के कार्यकाल की उपलब्धियों पर सवाल उठाते हुए कई चुनावी वादों और नीतिगत फैसलों को लेकर केंद्र सरकार को घेरा।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष एवं खल्लारी विधायक द्वारिकाधीश यादव, पूर्व विधायक विनोद चंद्राकर, शहर अध्यक्ष गुरमीत चावला, अमरजीत चावला, ग्रामीण अध्यक्ष अन्नू चंद्राकर सहित अन्य नेताओं ने संयुक्त रूप से कहा कि मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में लंबे कार्यकाल को भाजपा जिस तरह ‘सेवा’ के रूप में प्रस्तुत कर रही है, कांग्रेस उससे सहमत नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी ने 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी और अक्टूबर 2025 में सरकार के प्रमुख के रूप में 25वें वर्ष में प्रवेश किया था।
वादों को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि 2014 के बाद केंद्र सरकार ने महंगाई कम करने, रोजगार बढ़ाने, किसानों की आय दोगुनी करने, हर परिवार को आवास एवं सुविधाएं उपलब्ध कराने जैसे कई वादे किए, लेकिन इनके अपेक्षित परिणाम जनता को नहीं मिले। नेताओं ने कहा कि युवाओं को रोजगार, किसानों को बेहतर आय और आम लोगों को महंगाई से राहत देने के दावों पर सरकार को जवाब देना चाहिए।
कांग्रेस ने नोटबंदी और जीएसटी के क्रियान्वयन को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। नेताओं ने दावा किया कि नोटबंदी से काले धन पर लगाम लगाने का उद्देश्य पूरा नहीं हुआ और छोटे कारोबारियों को आर्थिक झटका लगा। इसी तरह जीएसटी की जटिलताओं को लेकर भी छोटे एवं मध्यम कारोबारियों की परेशानियों का मुद्दा उठाया गया।
पेट्रोल-डीजल और रुपये को लेकर भी निशाना
कांग्रेस नेताओं ने पेट्रोल-डीजल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क और आम लोगों पर पड़ने वाले ईंधन खर्च के भार को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने ईंधन पर कर बढ़ाकर आम जनता की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाला। पेट्रोलियम उत्पादों पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क की दरों में समय-समय पर बदलाव हुए हैं और वर्तमान केंद्रीय शुल्क संरचना में पेट्रोल-डीजल पर विभिन्न घटक लागू हैं।
रुपये की कीमत में गिरावट को लेकर भी कांग्रेस ने केंद्र सरकार को घेरा। नेताओं ने कहा कि डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर हुआ है और इससे आयात महंगा होने के साथ अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ता है। सितंबर 2026 में रुपया करीब ₹96 प्रति डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा है और हाल के दिनों में रिकॉर्ड निचले स्तरों के करीब रहा है।
गुजरात कार्यकाल को लेकर भी हमला
कांग्रेस नेताओं ने नरेंद्र मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान हुए 2002 के दंगों का उल्लेख करते हुए तत्कालीन सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि गुजरात हिंसा से जुड़े विवादों और उसके बाद हुई कानूनी प्रक्रियाओं को देश की राजनीति में लंबे समय से बहस का विषय माना जाता रहा है। कांग्रेस ने इसे मोदी के राजनीतिक कार्यकाल का गंभीर विवाद बताते हुए भाजपा के ‘सेवा’ के नैरेटिव पर सवाल खड़े किए।
‘मोदी की गारंटी’ पर छत्तीसगढ़ में कांग्रेस का वार
पत्रकार वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार को भी निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव के दौरान ‘मोदी की गारंटी’ के नाम पर किए गए कई वादे अब तक पूरे नहीं हुए हैं।
कांग्रेस ने एक लाख सरकारी नौकरियां, 500 रुपए में रसोई गैस सिलेंडर, अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण, बेरोजगारी भत्ता, छात्रों के लिए मुफ्त परिवहन पास, 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ रखने और किसानों को धान का 3100 रुपए प्रति क्विंटल भुगतान सहित कई मुद्दे उठाए।
कांग्रेस नेताओं ने महतारी वंदन योजना, गोठान व्यवस्था और किसानों से जुड़े वादों को लेकर भी सरकार पर सवाल खड़े किए। उनका आरोप था कि चुनाव के दौरान किए गए वादों और सत्ता में आने के बाद लिए गए फैसलों में अंतर दिखाई दे रहा है।
‘जनता को हिसाब चाहिए’
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जन्मदिन मनाना राजनीतिक दलों का अधिकार है, लेकिन जब किसी सरकार के कार्यकाल को ‘सेवा और समर्पण’ के रूप में प्रस्तुत किया जाए तो जनता को उसके वादों, योजनाओं और परिणामों का हिसाब भी मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा को उत्सव के साथ-साथ रोजगार, महंगाई, किसान, युवा और छत्तीसगढ़ से किए गए वादों पर भी जवाब देना चाहिए। पत्रकार वार्ता में गणेश शर्मा, समीम खान, सेवनलाल चंद्राकर, अंकित बागबाहरा, दाऊलाल चंद्राकर, लक्ष्मी देवांगन, गिरिश पटेल, संजय शर्मा, भरत सिंह ठाकुर, नितिन बैनर्जी और सुनील चंद्राकर सहित कांग्रेस के अन्य नेता मौजूद रहे।

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