सुकमा जिले में प्रज्ज्वलित हुए ‘आशीर्वाद के 1 लाख दीप’, सेवा संकल्प से रोशन हुआ पूरा जिला
मिनी स्टेडियम के जिलास्तरीय कार्यक्रम में 25 हजार दीपों से रोशन हुआ मैदान
सुकमा, 17 सितम्बर 2026/जनसेवा, सुशासन और जनभागीदारी की भावना को सुदूर वनांचल तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन सुकमा द्वारा 17 सितंबर को ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत भव्य ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम आयोजित किया गया, जो उत्साह और उमंग के साथ सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा यात्रा को समर्पित इस जनभागीदारी के महापर्व में जिलेभर में एक साथ 1 लाख से अधिक दीप प्रज्ज्वलित किए गए। जिला मुख्यालय के मिनी स्टेडियम में श्भारत का नक्शाश्
“सेवा संकल्प अभियान“ और “नक्सल मुक्त सुकमा“ के थीम पर आयोजित मुख्य समारोह में छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष एवं मुख्य अतिथि रूपसिंह मंडावी की गरिमामयी उपस्थिति रही। उनके साथ एसपी मयंक गुर्जर, डीएफओ अक्षय भोंसले, महिला आयोग के सदस्य सुश्री दीपिका सोरी, नगर पालिका अध्यक्ष हूँगाराम मरकाम, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि धनीराम बारसे, जिला पंचायत सदस्य हुंगाराम मरकाम, नगरपालिका उपाध्यक्ष श्रीमती भुनेश्वरी यादव, जनप्रतिनिधि सोयम मुका सहित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और बड़ी संख्या में नागरिकों ने दीप प्रज्ज्वलित कर सेवा, समर्पण और विकास के प्रति सामूहिक संकल्प व्यक्त किया।
मिनी स्टेडियम सुकमा में आयोजित श्सेवा संकल्प पखवाड़ाश् के दौरान कलेक्टर अमित कुमार जिले के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए मुख्य अतिथि सहित अन्य जनप्रतिनिधियों का स्वागत किया। कलेक्टर अमित कुमार ने “सेवा संकल्प अभियान“ के तहत आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि स्कूलों, आंगनबाड़ियों और विभिन्न स्तरों पर विशेष कैंप लगाकर जन-कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर के पात्र व्यक्तियों तक सुनिश्चित किया जाएगा, जिसके लिए उन्होंने आमजन से जिला प्रशासन का सहभागी बनने की अपील की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुँचे मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए कलेक्टर ने 25,000 दीयों की मनमोहक श्रृंखला बनाने में योगदान देने वाले स्वयं सहायता समूह के सदस्यों, कार्यकर्ताओं, स्कूली व कॉलेज विद्यार्थियों का आभार जताया और अभियान की सफल शुरुआत के लिए सभी को शुभकामनाएँ दीं।
अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष ने प्रशासनिक सक्रियता की खुले दिल से सराहना करते हुए स्पष्ट किया कि प्रशासन केवल नीतियां ही नहीं बना रहा, बल्कि उन्हें संवेदनशील और पारदर्शी तरीके से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचा भी रहा है। प्राकृतिक सौंदर्य से आच्छादित “धरती के स्वर्ग“ कहे जाने वाले सुकमा में जल, जंगल और जमीन के संरक्षण के साथ-साथ आदिवासियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रशासनिक तंत्र पूरी निष्ठा से काम कर रहा है, जिससे क्षेत्र में न सिर्फ शांति का नया युग आरंभ हुआ है बल्कि “विकसित भारत 2047“ के राष्ट्रीय विजन को भी मजबूत आधार मिल रहा है। प्रशासन का जमीनी स्तर पर जन-केंद्रित कार्यशैली अपनाना ही इस बदलाव की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरा है। संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देकर और विभिन्न विभागों के सफल समन्वय से श्रमिक माताओं को 30,000 रू तक की सुरक्षित आर्थिक सहायता दिलाना, ड्रॉपआउट बच्चों को पुनः स्कूलों की चौखट तक लाना, ग्रामीणों को पीएम आवास दिलाना और स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को श्लखपति दीदीश् बनाने का संकल्प प्रशासनिक कर्मठता का ज्वलंत उदाहरण है। अधिकारियों, कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों का यह सशक्त तालमेल गांवों को गोद लेने और युवाओं को कौशल विकास व रोजगार से जोड़ने की दिशा में क्रांतिकारी सिद्ध हो रहा है। प्रशासन का यह समर्पित और संवेदनशील प्रयास सुकमा के हर नागरिक में विश्वास का संचार कर रहा है, जिससे क्षेत्र तीव्र गति से आत्मनिर्भरता और समृद्धि की नई मिसाल पेश कर रहा है।
मिनी स्टेडियम में 25 हजार दीपों की सामूहिक रोशनी से पूरा परिसर जगमगा उठा। इसके साथ ही तुंगल डैम सुकमा में 2500 दीप प्रज्ज्वलित किया गया। कलेक्टर अमित कुमार एवं जिला सीईओ मुकुन्द ठाकुर के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन द्वारा कार्यक्रम की व्यापक तैयारियां की गई थीं। मुख्य आयोजन के साथ जिले के प्रमुख मंदिरों, चौक-चौराहों, पंचायत भवनों, पीडीएस केंद्रों और पीएम आवास सहित विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर भी सामूहिक रूप से दीप प्रज्ज्वलित किए गए। दीपों की स्वर्णिम आभा ने पूरे जिले में उत्सव और सकारात्मक ऊर्जा का वातावरण निर्मित किया।
“सेवा संकल्प अभियान“ के अंतिम कड़ी में जिला पंचायत सीईओ मुकुंद ठाकुर ने जिला प्रशासन की ओर से मुख्य अतिथि एवं छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रूपसिंह मंडावी का औपचारिक आभार ज्ञापित किया। उन्होंने मुख्य अतिथि द्वारा मूलभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण एवं सर्वांगीण विकास कार्यों को गति देने हेतु दिए गए प्रेरक उद्बोधन की सराहना करते हुए कहा कि प्रशासन, जनप्रतिनिधि व नागरिक परस्पर समन्वय से विकसित राष्ट्र के निर्माण हेतु संकल्पित हैं; साथ ही, अपने व्यस्ततम समय से उपस्थिति देकर अभियान का शुभारंभ करने और माननीय प्रधानमंत्री जी के विजन के अनुरूप जनसेवा के लिए प्रेरित करने हेतु उन्होंने मुख्य अतिथि का विशेष धन्यवाद प्रकट किया।
जिला प्रशासन सुकमा के नेतृत्व में सम्पन्न इस आयोजन ने जनभागीदारी, सेवा और सुशासन के संदेश को जिले के अंतिम छोर तक पहुंचाने का कार्य किया। एक लाख से अधिक दीपों की सामूहिक रोशनी और हजारों नागरिकों की सहभागिता ने सुकमा में सामाजिक एकजुटता और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश दिया। ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के सफलतापूर्वक सम्पन्न होने के साथ सुकमा जिले ने सेवा, समर्पण और विकास के प्रति अपनी सामूहिक प्रतिबद्धता को दीपों की रोशनी के माध्यम से अभिव्यक्त किया।
