चीनी के बढ़ते दामों पर कांग्रेस का प्रदर्शन, केंद्र सरकार के खिलाफ किया सत्याग्रह
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कांग्रेस बोले- 40 से बढ़कर 70 रुपए किलो तक पहुंची चीनी की कीमत, सरकार की नीतियों को ठहराया जिम्मेदार
कीमतों पर नियंत्रण के लिए अधिकतम खुदरा मूल्य 40 रुपए प्रति किलो तय करने की मांग
महासमुंद। चीनी की बढ़ती कीमतों के विरोध में शुक्रवार को जिला कांग्रेस कमेटी ने नेहरू चौक स्थित नेहरू के प्रतिमा के पास चीनी सत्याग्रह के लिए बैठे। इस दौरान कांग्रेसियों ने केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, और चीनी के बढ़ते दामों पर नाराजगी जताई। प्रदर्शन कांग्रेस जिलाध्यक्ष व खल्लारी विधायक द्वारिकाधीश यादव के नेतृत्व में किया गया।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष द्वारिकाधीश यादव ने आरोप लगाया कि इथेनॉल के अधिक उत्पादन और सरकार की नीतियों के कारण शक्कर का उत्पादन एवं उपलब्धता प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि पहले शक्कर की कीमत करीब 40 रुपए प्रति किलो थी, जो अब बढ़कर 70 रुपये प्रति किलो तक जा पहुंची है। उन्होंने बढ़ती कीमतों के लिए केंद्र सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि सरकार ने समय रहते शक्कर के आयात का फैसला नहीं लिया, जिसके कारण कीमतों में लगातार वृद्धि हुई।
इथेनॉल नीति और निर्यात को लेकर उठाए सवाल
यादव ने आरोप लगाया कि पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण की मात्रा बढ़ाकर 20 प्रतिशत किए जाने का भी शक्कर की उपलब्धता पर असर पड़ा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पर्याप्त स्टॉक नहीं होने के बावजूद सरकार ने शक्कर के निर्यात की अनुमति दी। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि गन्ना किसानों को शक्कर मिल मालिकों से समय पर भुगतान नहीं मिलने के कारण भी शक्कर के उत्पादन और भंडारण पर असर पड़ा है।
उन्होंने कहा कि देश में शक्कर की खपत करीब 28 लाख मीट्रिक टन है। इसके बावजूद पर्याप्त भंडारण नहीं होने तथा सरकार की कथित अदूरदर्शी नीतियों के कारण बाजार में शक्कर की कीमतें बढ़ी हैं।
ब्राजील से आयात पर भी कांग्रेस ने जताई चिंता
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि सरकार अब ब्राजील से कच्ची शक्कर आयात कर रही है। उनके मुताबिक, ब्राजील से आयातित शक्कर को भारत पहुंचने में करीब 45 दिन लगेंगे और इसके बाद उसे प्रसंस्कृत कर बाजार में उपलब्ध कराने में और समय लगेगा। ऐसे में त्योहारी सीजन के दौरान आम उपभोक्ताओं को महंगी शक्कर का सामना करना पड़ सकता है।
कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना
इस मौके पर पूर्व विधायक विनोद चंद्राकर, पूर्व जिलाध्यक्ष, अमरजीत चावला, डॉ. रश्मि चंद्राकर, शहर अध्यक्ष गुरमीत चावला, प्रभारी महामंत्री लक्ष्मण पटेल ने भी महंगाई के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश की अर्थव्यवस्था की जिम्मेदारी संभालने वाली सरकार से जनता को महंगाई से राहत की उम्मीद है, लेकिन आवश्यक खाद्य वस्तुओं की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने महंगाई को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।
शक्कर का अधिकतम खुदरा मूल्य 40 रुपए करने की मांग
कांग्रेस नेताओं ने शक्कर की कीमतों पर नियंत्रण के लिए उसका अधिकतम खुदरा मूल्य 40 रुपए प्रति किलो निर्धारित करने की मांग की गई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि शक्कर जैसी दैनिक उपयोग की आवश्यक वस्तु की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का सीधा असर आम उपभोक्ताओं के घरेलू बजट पर पड़ रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप कर कीमतों में कमी सुनिश्चित करने की मांग की। इस अवसर पर ग्रामीण अध्यक्ष अन्नू चंद्राकर, भरत सिंह ठाकुर, संजय शर्मा, समीम खान, गणेश शर्मा, निर्मल जैन, लक्ष्मी देवांगन, राजू साहू, सेवनलाल चंद्राकर, सुरेन्द्र सिंह ठाकुर समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे।
