राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर विशेष आयोजन
सलना में ‘नवीन बुनाई’ प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ
जिला हथकरघा कार्यालय जगदलपुर की पहल, बुनकरों को दी गई बुनकर जानकारी दाई योजना की जानकारी
कोण्डागांव, 08 अगस्त 2026/ राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर जिला हथकरघा कार्यालय, जगदलपुर से संबंधित चांदनी बूढ़ी माता बुनकर सहकारी समिति, सलना (जिला कोंडागांव) में ‘नवीन बुनाई’ प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में जिला हथकरघा कार्यालय जगदलपुर से सुरेश कुमार एवं एक्सेस से देवेंद्र नेताम उपस्थित रहे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नारायण देवांगन, अध्यक्ष, बस्तर जिला बुनकर संघ रहे।
सलना ग्राम पंचायत के सरपंच दशरथ, सुनील रत्नाकर एवं बुनकर समिति के सदस्य सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं बुनकर उपस्थित रहे। अतिथियों द्वारा प्रशिक्षण केंद्र का फीता काटकर शुभारंभ किया गया तथा बुनकरों से चर्चा करते हुए विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। इस दौरान हथकरघा पर उत्कृष्ट एवं नवीन डिजाइन की बुनाई का प्रदर्शन भी किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य बुनकरों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना, गुणवत्तापूर्ण उत्पाद तैयार कर उनकी आय बढ़ाना तथा ग्राम स्तर पर स्वरोजगार को मजबूत करना है। नवीन बुनाई तकनीक के माध्यम से बुनकरों को बेहतर बाजार, नए डिजाइन और उत्पादन की आधुनिक तकनीकों से परिचित कराया गया।
बुनकर योजना के प्रमुख लाभ
करघा, बुनाई तकनीक एवं डिजाइन का नियमित प्रशिक्षण, आधुनिक डिजाइन व बुनाई तकनीक से उत्पाद की गुणवत्ता में सुधार, रंगाई-छपाई, फिनिशिंग और मार्केटिंग में तकनीकी सहायता, प्रदर्शनी, हाट-बाजार, मेला एवं ई-कॉमर्स के माध्यम से विपणन में सहयोग, बुनकरों की आय में वृद्धि एवं परिवार की आर्थिक स्थिति में मजबूती, महिलाओं एवं युवाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना है।
जिला हथकरघा विभाग की अन्य प्रमुख योजनाओं में 25,000 तक करघा क्रय हेतु अनुदान, न्यूनतम मजदूरी एवं उत्पादन सहायता, उत्तम बुनकरों को प्रोत्साहन पुरस्कार, निःशुल्क डिजाइन व उत्पाद विकास कार्यशाला और हथकरघा ग्राम एवं क्लस्टर विकास योजनाएं शामिल है।
कार्यक्रम में नारायण देवांगन, अध्यक्ष, बस्तर जिला बुनकर संघ ने कहा कि “नई बुनाई तकनीक और विभागीय योजनाओं का लाभ लेकर बुनकर भाई-बहन अपनी पारंपरिक कला को नई ऊंचाई दे सकते हैं।”
रमेश कुमार, जिला हथकरघा कार्यालय, जगदलपुर ने कहा कि “हथकरघा केवल रोजगार नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और पहचान है। विभाग बुनकरों के हर संभव सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है।” प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान बुनकरों ने नवीन तकनीक से बुनाई का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में बुनकर समिति के सदस्य एवं ग्रामवासी उपस्थित रहे।
