एक पेड़ मां के नाम – एक सोख्ता संतान के नाम अभियान को मिला जनसमर्थन
जिले में 7,205 सोख्ता गड्ढों का निर्माण, जल संरक्षण के लिए जनभागीदारी बनी अभियान की सबसे बड़ी ताकत
बेमेतरा 29 जुलाई 2026/- कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाई के मार्गदर्शन एवं निर्देशानुसार जल संरक्षण, भूजल संवर्धन एवं पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा “एक पेड़ मां के नाम – एक सोख्ता संतान के नाम” अभियान के अंतर्गत जिलेभर में व्यापक स्तर पर सोख्ता गड्ढों (सोख्ता पीट) का निर्माण कराया गया। अभियान के तहत जिले के सभी विकासखंडों एवं ग्राम पंचायतों में जनभागीदारी के माध्यम से कुल 7,205 सोख्ता गड्ढों का निर्माण किया गया।
इस अभिनव अभियान का उद्देश्य प्रत्येक परिवार को वर्षा जल संरक्षण के लिए प्रेरित करना तथा घरों की छतों एवं आंगनों से निकलने वाले वर्षा जल को सीधे भूमि में पहुंचाकर भूजल स्तर में वृद्धि करना है। सोख्ता गड्ढों के माध्यम से वर्षा जल का बेहतर संचयन एवं भूजल पुनर्भरण (रीचार्ज) सुनिश्चित होगा, जिससे भविष्य में जल संकट की समस्या को कम करने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।
अभियान के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में जनप्रतिनिधियों, पंचायत पदाधिकारियों, स्व-सहायता समूहों, युवाओं एवं ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। लोगों ने अपने घरों, आंगनों एवं सार्वजनिक स्थलों पर सोख्ता गड्ढों का निर्माण कर जल संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी का परिचय दिया। जिला प्रशासन का मानना है कि वर्षा जल की प्रत्येक बूंद का संरक्षण समय की आवश्यकता है। यदि प्रत्येक परिवार अपने घर में एक सोख्ता गड्ढे का निर्माण करता है, तो भूजल स्तर में उल्लेखनीय सुधार होने के साथ-साथ पेयजल उपलब्धता भी बेहतर होगी। यह अभियान जल संरक्षण के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है।
अभियान के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में जनप्रतिनिधियों, पंचायत सचिवों, रोजगार सहायकों, स्व-सहायता समूहों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, युवाओं तथा ग्रामीणों ने श्रमदान कर सोख्ता गड्ढों का निर्माण किया। इस दौरान वर्षा जल संचयन, जल स्रोतों के संरक्षण तथा जल के विवेकपूर्ण उपयोग के प्रति ग्रामीणों को जागरूक भी किया गया। अधिकारियों ने बताया कि जल संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। इसी सोच के साथ अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप दिया जा रहा है, ताकि प्रत्येक परिवार जल संरक्षण की जिम्मेदारी को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाए।
वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन एवं अनियमित वर्षा की परिस्थितियों को देखते हुए वर्षा जल का संरक्षण अत्यंत आवश्यक हो गया है। सोख्ता गड्ढों के निर्माण से न केवल भूजल स्तर में वृद्धि होगी, बल्कि जलभराव की समस्या में भी कमी आएगी तथा आसपास के कुओं, हैंडपंपों एवं अन्य जल स्रोतों में जल उपलब्धता बेहतर होगी। जिला प्रशासन द्वारा आगामी दिनों में भी जल संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोग इस अभियान से जुड़कर जल बचाने के संकल्प को साकार कर सकें और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित जल संसाधनों का निर्माण सुनिश्चित हो सके।
जिला प्रशासन ने जिलेवासियों से अपील की है कि “एक पेड़ मां के नाम” के साथ “एक सोख्ता संतान के नाम” का संकल्प भी अवश्य लें। प्रत्येक नागरिक अपने घर अथवा आसपास एक पौधा रोपित करने के साथ एक सोख्ता गड्ढे का निर्माण कर वर्षा जल संरक्षण में अपना योगदान दें। सामूहिक प्रयासों से ही जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाकर आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सकता है।
