नागपुर से संचालित ऑनलाइन सट्टा रैकेट का भंडाफोड़, सरगना समेत तीन गिरफ्तार

सांकरा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, मोबाइल-लैपटॉप से मिले लाखों रुपये के लेन-देन के सबूत
महासमुंद। जिले की सांकरा पुलिस ने ऑनलाइन सट्टा गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए नागपुर (महाराष्ट्र) से संचालित एक सट्टा नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। कार्रवाई में गिरोह के मुख्य संचालक सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक लैपटॉप, 10 मोबाइल फोन तथा नगदी राशि जब्त की है। मोबाइल फोन की जांच में ऑनलाइन सट्टे से संबंधित चैट, ट्रांजेक्शन स्क्रीनशॉट और फोन पे के माध्यम से हजारों से लेकर लाखों रुपये तक के संदिग्ध लेन-देन के प्रमाण मिले हैं।
पुलिस के अनुसार थाना सांकरा को मुखबिर से सूचना मिली थी कि भगतदेवरी क्षेत्र में आईपीएल क्रिकेट मैचों के दौरान रुपये-पैसों का दांव लगाकर ऑनलाइन सट्टा खेला और खिलाया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने दबिश देकर मामले की जांच की। जांच के दौरान आरोपी नरेश निषाद (40 वर्ष), पिता जुनु निषाद, निवासी भगतदेवरी।
मनोहर मांझी (38 वर्ष), पिता उत्तम मांझी, निवासी नवागांव टुकड़ा, सांकरा के मोबाइल फोन खंगाले गए। पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि वे नागपुर के जैतला महाराष्ट्र
निवासी मधुसूदन ठाकरे (40 वर्ष), पिता राजेंद्र ठाकरे मुख्य संचालक के संपर्क में रहकर आईपीएल मैचों पर ऑनलाइन सट्टा लगाते थे। सट्टे में हार-जीत का भुगतान स्थानीय व्यक्तियों के माध्यम से तथा डिजिटल माध्यम फोन पे के जरिए किया जाता था।
पुलिस ने मामले में नरेश निषाद, मनोहर मांझी, मुख्य संचालक मधुसूदन ठाकरे तथा अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। आरोपियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम-2022 की धारा 7(1) के तहत कार्रवाई की गई है।
जांच के दायरे में कई और खाईवाल
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन से प्राप्त कॉल डिटेल, व्हाट्सएप चैट और फोन पे ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड की जांच में कई संदिग्ध मोबाइल नंबर और स्थानीय एजेंटों के सुराग मिले हैं। प्रारंभिक जांच से संकेत मिले हैं कि नागपुर के मुख्य संचालक से जुड़े इस नेटवर्क के तार जिले और आसपास के क्षेत्रों के कई खाईवालों तक फैले हो सकते हैं। पुलिस अब मोबाइल लोकेशन, डिजिटल भुगतान रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर नेटवर्क की कड़ियां जोड़ रही है। अधिकारियों का दावा है कि आने वाले दिनों में इस ऑनलाइन सट्टा रैकेट से जुड़े अन्य बड़े चेहरों की गिरफ्तारी भी हो सकती है।