सुशासन तिहार 2026 की तैयारी तेज
जनसमस्याओं के समाधान हेतु तीन चरणों में लगेंगे शिविर
महासमुंद। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आयोजित सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत नगर पालिका महासमुंद में जनसमस्याओं के निराकरण के लिए तीन चरणों में शिविर आयोजित किए जाएंगे। इस संबंध में नगर पालिका उपाध्यक्ष देवीचंद राठी ने प्रभारी सीएमओ हेमंत इंजीनियर के साथ बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में भाजपा शहर मंडल अध्यक्ष महेंद्र सिका भी उपस्थित रहे। उपाध्यक्ष राठी ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि शिविर में प्राप्त आवेदनों का त्वरित और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि शासन की मंशा पूरी हो सके।
मंशा त्वरित और पारदर्शी समाधान
राठी ने बताया कि विष्णुदेव साय एवं उप मुख्यमंत्री व नगरीय प्रशासन मंत्री की सोच है कि आम जनता को सुगम, पारदर्शी और त्वरित सेवाएं मिलें। इसके लिए जनसमस्याओं का प्राथमिकता से समाधान करना आवश्यक है।
प्रचार-प्रसार पर जोर, मुनादी कराने के निर्देश
उन्होंने कहा कि अभी तक सुशासन तिहार की जानकारी आम नागरिकों तक पर्याप्त रूप से नहीं पहुंच पाई है। इसलिए शहर के सभी वार्डों में प्रतिदिन मुनादी कराकर लोगों को जागरूक किया जाए। साथ ही, नगरपालिका आने वाले लोगों के लिए बैठने की उचित व्यवस्था भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
नोडल अधिकारी नियुक्त, जिम्मेदारियां तय
प्रभारी सीएमओ हेमंत इंजीनियर ने बताया कि सुशासन तिहार 2026 के लिए दिलीप चंद्राकर को नोडल अधिकारी बनाया गया है। आवेदन संकलन, बैठक व्यवस्था एवं प्रचार-प्रसार के लिए कर्मचारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
तीन चरणों में होगा आयोजन
प्रथम चरण 4 मई से 8 मई तक नगरपालिका कार्यालय में आवेदन लिए जाएंगे। द्वितीय चरण: 8 मई से 31 मई तक प्राप्त आवेदनों का निराकरण किया जाएगा। तृतीय चरण 1 जून से 5 जून तक तीन स्थानों पर समाधान शिविर लगाए जाएंगे।
आवेदन प्रक्रिया सरल
उपाध्यक्ष राठी ने बताया कि आवेदन के लिए अलग से कोई फॉर्म लाने की आवश्यकता नहीं है। नगरपालिका द्वारा फॉर्म उपलब्ध कराया जाएगा, जिसे भरकर जमा करना होगा। 8 मई अंतिम तिथि निर्धारित है, हालांकि इसके बाद भी आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।
नागरिकों से अपील
देवीचंद राठी ने शहर के सभी वार्डों के नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी समस्याओं को निर्धारित प्रारूप में नगर पालिका में जमा करें और सुशासन तिहार का लाभ उठाएं। साथ ही, प्राप्त आवेदनों को ऑनलाइन दर्ज कर शासन स्तर पर उनकी मॉनिटरिंग भी की जाएगी।
