महंगाई, ईंधन संकट और उर्वरक कमी पर कांग्रेस का केंद्र सरकार पर बड़ा हमला

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महासमुंद में कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस,
पेट्रोल-डीजल, गैस संकट और बढ़ती महंगाई को लेकर केंद्र सरकार को घेरा
महासमुंद। जिले में आयोजित कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्र की मोदी सरकार पर महंगाई, पेट्रोल-डीजल संकट, उर्वरकों की कमी, बेरोजगारी और बढ़ते घरेलू खर्चों को लेकर जमकर हमला बोला गया। वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजेन्द्र तिवारी ने आरोप लगाया कि देश पिछले दो महीनों से डीजल, पेट्रोल और गैस संकट से जूझ रहा है, वहीं लगातार बढ़ती महंगाई ने आम लोगों की आर्थिक स्थिति खराब कर दी है। ऐसे समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जनता से की जा रही अपीलें लोगों की समस्याएं कम करने के बजाय “जख्मों पर नमक छिड़कने” जैसी हैं।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता राजेन्द्र तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री किसानों को उर्वरक कम उपयोग करने, नौकरीपेशा लोगों को वर्क फ्रॉम होम अपनाने, महिलाओं को तेल और गैस कम उपयोग करने तथा लोगों को सोना और विदेश यात्रा से बचने की सलाह दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश का आम नागरिक पहले ही महंगाई और आर्थिक संकट से परेशान है।
“उर्वरक नहीं मिलने से किसानों की उत्पादकता घट रही”
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि पिछले सात वर्षों से देश में उर्वरकों की कमी बनी हुई है। किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रही, जिससे खेती प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया गया था, लेकिन आज किसान महंगे दामों पर उर्वरक खरीदने और कर्ज लेने को मजबूर हैं।
नेताओं ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में लगभग 15 लाख मीट्रिक टन उर्वरक की आवश्यकता है, लेकिन अभी तक करीब 51 हजार मीट्रिक टन उर्वरक ही सोसायटियों तक पहुंच पाया है। कुल आवश्यकता का बड़ा हिस्सा अब भी किसानों तक नहीं पहुंचा है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित करने के बजाय किसानों से उपयोग कम करने की अपील कर रही है।
“वर्क फ्रॉम होम की सलाह जमीनी काम करने वालों के लिए अव्यावहारिक”
प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा गया कि प्रधानमंत्री द्वारा वर्क फ्रॉम होम की सलाह देना उन लाखों लोगों के साथ मजाक है, जो फील्ड में काम करते हैं, रेहड़ी-ठेला चलाते हैं, मजदूरी करते हैं या गली-मोहल्लों में सामान बेचकर परिवार चलाते हैं।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने “आराम हराम है” का संदेश दिया था, जबकि वर्तमान सरकार लोगों को घर में बैठने की सलाह दे रही है।
“महंगाई ने बिगाड़ दिया रसोई का बजट”
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बढ़ती महंगाई ने आम परिवारों की रसोई पूरी तरह प्रभावित कर दी है। खाद्य तेल, गैस, दाल, दूध, आटा और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि महिलाएं पहले से ही घर के बजट में कटौती कर रही हैं, ऐसे में तेल और गैस कम उपयोग करने की सलाह देना वास्तविक समस्याओं से मुंह मोड़ना है।
कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में वर्ष 2013 और वर्ष 2026 के बीच आवश्यक वस्तुओं की कीमतों की तुलना भी प्रस्तुत की। नेताओं के अनुसार
आटा 210 रुपये से बढ़कर 530 रुपये प्रति 10 किलो, रसोई गैस 410 रुपये से बढ़कर लगभग 1000 रुपये, पेट्रोल 66 रुपये से बढ़कर 100 रुपये प्रति लीटर, डीजल 52 रुपये से बढ़कर 95 रुपये प्रति लीटर,
सरसों तेल 52 रुपये से बढ़कर 260 रुपये,
अरहर दाल 70-80 रुपये से बढ़कर 160-170 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है।
इसके अलावा दवाइयों और साबुन जैसी दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतों में भी बड़ी वृद्धि होने का दावा किया गया।
“सोना कई गुना महंगा हुआ”
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि वर्ष 2013 में सोने की कीमत लगभग 28 से 29 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम थी, जबकि अब यह डेढ़ लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के करीब पहुंच गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की आर्थिक नीतियों के कारण आम लोगों की बचत और खरीद क्षमता प्रभावित हुई है।
“पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स से जनता परेशान”
प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया गया कि केंद्र सरकार ने बीते वर्षों में पेट्रोलियम उत्पादों पर भारी टैक्स लगाकर जनता से लाखों करोड़ रुपये वसूले हैं। नेताओं ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें कम होने के बावजूद देश में पेट्रोल-डीजल के दाम ऊंचे बने हुए हैं।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों, विशेषकर सरगुजा क्षेत्र में पेट्रोल-डीजल की कमी बनी हुई है। कमर्शियल गैस की कमी के कारण कई छोटे और मध्यम उद्योग प्रभावित हो रहे हैं।
“प्रधानमंत्री विदेश यात्राओं पर खर्च कर रहे करोड़ों”
कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं और सरकारी खर्चों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक ओर आम जनता को खर्च कम करने की सलाह दी जा रही है, वहीं दूसरी ओर सरकार विदेश यात्राओं और विशेष विमानों पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है।
“मध्यम वर्ग कर्ज लेने को मजबूर”
नेताओं ने कहा कि बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, जीएसटी, टोल टैक्स और महंगी रेल यात्रा के कारण मध्यम और निम्न मध्यम वर्ग आर्थिक दबाव में है। परिवारों को घर चलाने के लिए कर्ज लेना पड़ रहा है। कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि हालिया सर्वे में बड़ी संख्या में परिवारों की बचत घटने और कर्ज बढ़ने की बात सामने आई है।
“प्रधानमंत्री के भाषणों में विपक्ष पर ज्यादा हमला”
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री अपने संबोधनों में जनहित के मुद्दों की बजाय कांग्रेस का नाम लेकर राजनीतिक हमला ज्यादा करते हैं। उनका कहना था कि देश आर्थिक चुनौतियों, महंगाई और ईंधन संकट से जूझ रहा है, लेकिन सरकार मूल समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय राजनीतिक बयानबाजी में लगी हुई है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व प्रदेश महामंत्री अमरजीत चावल, पूर्व विधायक विनोद सेवनलाल चंद्राकर, शहर अध्यक्ष गुरमीत चावला, पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. रश्मि चंद्राकर, आलोक चंद्राकर, अंकित बागबाहरा सहित अन्य कांग्रेस पदाधिकारी उपस्थित रहे।