आमलकी एकादशी व्रत रखा महिलाओं ने की पूजा अर्चना
महासमुंद। ग्राम खरोरा के राममंदिर में आमलकी एकादशी व्रत रखा महिलाओं ने पूजा अर्चना की। इस दौरान मंदिर के पुजारी ने बताया कि आमलकी एकादशी का व्रत फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष पर एकादशी को आमलकी एकादशी, रंग भरी एकादशी या आंवला एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। आमलकी एकादशी के दिन आंवले का विशेष महत्व होता है। इस दिन आंवले के पेड़ की पूजा करना, आंवले का सेवन करना और आंवले का दान करना अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है। इस एकादशी का संबंध आंवला वृक्ष से विशेष रूप से जुड़ा हुआ है। शास्त्रों में आंवले को पवित्र, औषधीय और दिव्य गुणों से युक्त बताया गया है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन आंवले के पेड़ की विधि-विधान से पूजा करने से समस्त पापों का क्षमा होते है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। इस दिन विधि-विधान से विष्णु जी के साथ आंवले की पूजा करने से शुभ फल प्राप्त होते है इस दौरान महिलाओं फुलेश्वरी, विमला, लक्ष्मी,लीना, उमा राधिका, शौला, सरोज उपस्थित थीं।
