गर्मी-बरसात से पहले स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, डायरिया-मलेरिया-डेंगू से बचाव के व्यापक इंतजाम
रैपिड रिस्पांस टीम सक्रिय, दवाइयों का पर्याप्त भंडारण और गांव-गांव जागरूकता अभियान शुरू
महासमुंद। ग्रीष्म एवं वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए जिले में डायरिया, मलेरिया, डेंगू सहित अन्य संक्रामक रोगों के बढ़ते खतरे को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में आ गया है। राज्य कार्यालय के निर्देशानुसार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय द्वारा व्यापक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव ने बताया कि मौसमी बदलाव के दौरान जलजनित एवं वेक्टर जनित बीमारियों के फैलने की आशंका बढ़ जाती है। इसे देखते हुए जिले में रैपिड रिस्पांस टीम का गठन कर संभावित प्रभावित क्षेत्रों की पहचान कर ली गई है और वहां लगातार निगरानी रखी जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों में ओआरएस, क्लोरीन टैबलेट, एंटीबायोटिक्स और एंटीमलेरियल दवाइयों का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया है। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त दवाओं की आपूर्ति के निर्देश भी दिए गए हैं। मितानिनों एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित कर गांव-गांव में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
शुद्ध पेयजल की व्यवस्था पर विशेष जोर देते हुए जल स्रोतों के नियमित क्लोरीनीकरण, कुओं में ब्लीचिंग पाउडर डालने तथा खराब हैंडपंपों की मरम्मत के लिए पीएचई विभाग से समन्वय स्थापित किया गया है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जल गुणवत्ता की सतत निगरानी की जा रही है ताकि संक्रमण को रोका जा सके।
संक्रामक रोगों की स्थिति में सैंपल जांच के लिए स्टेट रेफरल लेबोरेटरी में परीक्षण की व्यवस्था की गई है। गंभीर मरीजों के इलाज हेतु जिला अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्रों में विशेष इंतजाम किए गए हैं तथा 108 एम्बुलेंस सेवा का उपयोग करने की अपील की गई है।
बच्चों में दस्त रोग के प्रबंधन को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। प्रभावित बच्चों को लो ऑस्मोलर ओआरएस के साथ 14 दिनों तक जिंक डिस्पर्सिबल गोलियां देने की सलाह दी गई है, जिससे बीमारी की गंभीरता कम हो और जल्दी सुधार हो सके।
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल स्वच्छ पानी का उपयोग करें, खुले में रखे खाद्य पदार्थों से बचें, सड़ी-गली वस्तुओं का सेवन न करें और मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाएं। किसी भी प्रकार के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें।
