दो ने किया नेत्रदान, कई ने भरा घोषणा पत्र

महासमुंद। जिले में 25 अगस्त से 08 सितंबर तक नेत्रदान पखवाड़ा मनाया गया। नोडल अधिकारी अंधत्व डॉ. अनिल गोरियार ने बताया कि नेत्रदान क्यों आवश्यक है। इसके माध्यम से कितने लोगों को रोशनी मिल सकती है। साथ ही नेत्रदान किन परिस्थितियों में किया जा सकता है, उक्त संबंध में जनसामान्य को जानकारी दी गई कि नेत्रदान मृत्यु उपरांत ही किया जाता है। यह प्रक्रिया मृत्यु के 6 घंटे के अंदर पूरी की जानी चाहिए। मृतक के परिवार की सहमति नेत्रदान के लिए आवश्यक है। घोषणा पत्र भरे बिना भी परिवार की सहमति से नेत्रदान किया जा सकता है। नेत्रदान से प्राप्त कार्निया की कोई खरीद-फरोख्त नहीं की जाती। कुछ विशेष परिस्थितियों में मृत्यु होने पर नेत्रदान नहीं लिया जाता है जैसे सर्पदंश, फांसी, जहर या पानी में डूबकर या एचआईवी से मृत्यु होने पर नेत्रदान नहीं लिया जाता। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 01 जुलाई को ग्राम गोड़बहाल निवासी राजकुमार पटेल ने अपनी माता दयामती पटेल (67) की सामान्य मृत्यु उपरांत नेत्रदान किया। इसी प्रकार बागबाहरा निवासी विजय लाल सांखला की धर्मपत्नी कमला बाई सांखला (90) की सामान्य मृत्यु होने पर उनके पुत्र त्रिलोकचंद सांखला ने नेत्र प्रदान किया। इस वर्ष अभी तक दो लोग नेत्रदान कर चुके हैं।
इसी पखवाड़े वार्ड 16 त्रिमूर्ति कॉलोनी महासमुंद निवासी सागर चंद्राकर, वार्ड 20 ग्राम सेवैय्या कला पिथौरा निवासी योगेश देवांगन, वार्ड1 वृंदावन कालोनी झलप निवासी योगेश मिश्रा, वार्ड 27 गुडरूपारा महासमुंद निवासी विवेक सोनी, ग्राम गढ़फुलझर बसना निवासी बनमाली पांडे, ग्राम बरपेलाडीह बसना निवासी नरेश पटेल, बरतमोती साहू दुरुगपाली बसना, रवि राय साहू ग्राम दुरुगपाली बसना, ग्राम दुरुगपाली बसना निवासी तुलसीराम साहू ने घोषणा पत्र भरकर नेत्रदान की घोषणा की है।