एनएचएम 25 कर्मचारियों की बर्खास्तगी अन्यायपूर्ण: राकेश
महासमुंद। आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष राकेश झाबक ने प्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के हड़ताली 25 कर्मचारियों की बर्खास्तगी को कर्मचारियों के साथ अन्याय बताया है। उन्होंने कहा कि एनएचएम कर्मचारियों की सेवा अत्यंत जरुरी सेवाओं में से एक है । कर्मचारी अपने नियमितीकरण की मांग कर रहे हैं और सरकार उनकी मांग मानने की बजाय उन्हें सेवा से पृथक कर रही है, जिससे साफ तौर पर दिखता है कि सरकार छत्तीसगढ़ की जनता के स्वास्थ्य के प्रति किस तरह लापरवाह है। उन्होंने कहा कि सरकार की स्वास्थ्य के प्रति उदासीनता इस बात से भी झलकती है कि छत्तीसगढ़ में 10 मेडिकल कॉलेज हैं। सभी कॉलेजों में कॉलेज प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर सहित 642 पद रिक्त हैं। राजधानी के मेकाहारा में लगभग 50 डॉक्टरों के पद खाली हैं। डीकेएस सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में एक भी डॉक्टर रेगुलर नहीं और जितनी भी प्रकार की सेवाएं एमआरआई, सिटी स्कैन, सोनोग्राफी और ब्लड टेस्ट सहित अनेक सेवाएं आउटसोर्सिंग के माध्यम से ली जाती है। अभी कुछ दिन पहले ही मेकाहारा की 80 करोड़ की मशीन आउट डेटेड हो गई, जिस पर स्वास्थ्य मंत्री ने 40 करोड़ की मशीनों के लिए नया टेंडर जारी कराया है। आम आदमी पार्टी एनएचएम कर्मचारियों के साथ है और सरकार से मांग करती है कि इन कर्मचारियों की मांगों को सरकार जल्द पूरी करें।
