राशनकार्ड धारकों का ई-केवायसी खाद्य विभाग के लिए बन रहा परेशानी का सबब
4 बार तारीखें बढ़ी, बावजूद 86,771 सदस्यों का ई-केवायसी शेष
महासमुंद। जिले में राशन कार्ड धारकों का ई-केवायसी कराना खाद्य विभाग के लिए अब परेशानी का सबब बनता जा रहा है। अब तक शासन ने राशन कार्डों की ई-केवायसी को लेकर 4 बार तारीखें बढ़ाई है। इसके बाद भी जिले में 86,771 राशन कार्ड धारकों का ई-केवायसी होना बाकी है। एक तरफ विभाग राशन कार्डधारियों के सदस्यों की ई-केवायसी के लिए प्रयासरत है वहीं हितग्राही इसमें रूचि नहीं दिखा रहे हैं।
बता दें कि भारत सरकार, उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार ‘एक राष्ट्र, एक राशनकार्ड’ योजना के अंतर्गत जिले के समस्त राशनकार्डधारकों को खाद्यान्न प्राप्ति के लिए आधार प्रमाणीकरण (ई-केवायसी) अनिवार्य किया गया है। खाद्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में वर्तमान में कुल 3,66,236 राशनकार्ड प्रचलन में हैं, जिनमें 11,57,452 सदस्य पंजीकृत हैं। अब तक 10,70,681 सदस्यों का ई-केवायसी कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि 86,771 सदस्यों का ई-केवायसी कार्य शेष है। जबकि शासन ने राशनकार्ड ई-केवायसी कराने चार बार तारीख बढ़ा चुकी है। जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव ने बताया कि जिले के समस्त ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में ई-केवायसी जनजागरूकता के साथ अभियान के रूप में चलाया जा रहा है, ताकि शत-प्रतिशत पात्र हितग्राही समय सीमा के भीतर इस योजना का लाभ ले सकें।
‘मेरा ई-केवायसी’ से हितग्राही स्वयं कर सकते है ई-केवायसी
जानकारी के अनुसार सभी उचित मूल्य दुकानों में ई-पॉस मशीनों के माध्यम से ई-केवायसी की सुविधा उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त, भारत सरकार द्वारा विकसित ‘मेरा ई-केवायसी’ मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से भी हितग्राही अपने एंड्रॉयड मोबाइल फोन पर ऐप डाउनलोड कर, राज्य का चयन कर, आधार नंबर दर्ज कर और ओटीपी अथवा फेस प्रमाणीकरण के माध्यम से ई-केवायसी कर सकते हैं।
30 जून तक अनिवार्य कर लें ई-केवायसी : कलेक्टर
कलेक्टर लंगेह ने अपूर्ण ई-केवायसी वाले सभी हितग्राहियों से अपील की है कि वे 30 जून 2025 तक अपना ई-केवायसी अवश्य पूर्ण कर लें, ताकि राशन वितरण में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
