वैश्विक नवाचार में भारत का बढ़ता प्रभाव
ब्ल्यूआईपीओ 2024 की बौद्धिक संपदा रिपोर्ट
नई दिल्ली 16 नवंबर 2024। विश्व बौद्धिक संपदा संगठन (डब्ल्यूआईपीओ) प्रतिवर्ष विश्व बौद्धिक संपदा संकेतक (डब्ल्यूआईपीआई) रिपोर्ट प्रकाशित करता है, जो बौद्धिक संपदा फाइलिंग में वैश्विक रुझानों का व्यापक विश्लेषण प्रदान करती है। 2024 की रिपोर्ट प्रमुख वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं में पेटेंट, ट्रेडमार्क और औद्योगिक डिजाइन की वृद्धि और विकास पर प्रकाश डालती है, जिसमें उभरते बाजारों और नवाचार केंद्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है। इन अर्थव्यवस्थाओं के बीच, भारत वैश्विक आईपी परिदृश्य में तेजी से बढ़ते खिलाड़ी के रूप में खड़ा है, जिसने सभी तीन प्रमुख आईपी श्रेणियों- पेटेंट, ट्रेडमार्क और औद्योगिक डिजाइन में महत्वपूर्ण प्रगति की है।
भारत ने पेटेंट, ट्रेडमार्क और औद्योगिक डिजाइन के लिए शीर्ष 10 देशों में स्थान हासिल करके बौद्धिक संपदा फाइलिंग में वैश्विक नेता के रूप में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। यह उपलब्धि भारत की बढ़ती नवाचार क्षमता को रेखांकित करती है, देश पेटेंट आवेदनों, ब्रांड संरक्षण और डिजाइन नवाचारों में उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है। 2024 की रिपोर्ट में सबसे उल्लेखनीय निष्कर्षों में से एक वैश्विक आईपी परिदृश्य में भारत का असाधारण प्रदर्शन है। भारत ने 2023 में पेटेंट आवेदनों में अभूतपूर्व +15.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, जिससे लगातार पांचवें वर्ष दो-अंकों (दस से ऊपर) की वृद्धि जारी रही। यह उछाल भारत को वैश्विक पेटेंट फाइलिंग में योगदान देने वाले शीर्ष देशों में रखता है, जो वैश्विक नवाचार केंद्र के रूप में देश की बढ़ती भूमिका का संकेत देता है। कोविड-19 संकट के दौरान आईपी फाइलिंग का लचीलापन आर्थिक सुधार और विकास को आगे बढ़ाने में बौद्धिक संपदा के स्थायी महत्व को रेखांकित करता है।
पेटेंट आवेदनों की वैश्विक रैंकिंग में भारत की शानदार वृद्धि:
वर्ष 2023 में 64,480 पेटेंट फाइलिंग के साथ भारत अब पेटेंट आवेदनों के मामले में विश्व स्तर पर छठे स्थान पर है। इससे बौद्धिक संपदा गतिविधि के मामले में भारत ने चीन, संयुक्त राज्य अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया सहित अग्रणी देशों में जगह बना ली है। वैश्विक पेटेंट रैंकिंग में भारत की वृद्धि इसकी विशाल और विविध अर्थव्यवस्था को देखते हुए विशेष रूप से उल्लेखनीय है, जिसमें कृषि जैसे पारंपरिक क्षेत्रों से लेकर फार्मास्यूटिकल्स, सूचना प्रौद्योगिकी और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे अत्याधुनिक उद्योग शामिल हैं।