आपदा से बचाव के लिए स्कूली बच्चों को किया गया जागरूक
मॉक ड्रिल के माध्यम से सुरक्षा उपायों की जानकारी देते हुए कराया गया अभ्यास
सूरजपुर/25 अक्टूबर 2026/ विद्यार्थियों को आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूक करने तथा आपातकालीन परिस्थितियों में सुरक्षित रहने के तरीके सिखाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री शाला सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत कलेक्टर श्रीमती रेना जमील के मार्गदर्शन में जिले के विद्यालयों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसी कड़ी में शिक्षा अधिकारी अशोक सिन्हा एवं जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा मनोज साहू के नेतृत्व में विकासखंड रामानुजनगर के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला पतरापाली में भूकंप से बचाव विषय पर जागरूकता कार्यक्रम एवं मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। मॉकड्रिल में विद्यार्थियों को भूकंप के कारणों, आपदा के दौरान अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों की विस्तृत जानकारी साझा की गई।
इस दौरान शिक्षिका अनीता सिंह शिक्षक कृष्ण कुमार यादव, योगेश साहू एवं रघुनाथ जायसवाल ने मॉक ड्रिल के माध्यम से विद्यार्थियों को भूकंप के समय सुरक्षित रहने का व्यावहारिक अभ्यास कराया। बच्चों को समझाया गया कि भूकंप के झटके महसूस होते ही घबराने या इधर-उधर भागने के बजाय शांत रहना चाहिए। कमरे के अंदर होने पर मजबूत मेज के नीचे बैठकर सिर और गर्दन को दोनों हाथों से ढकना चाहिए। खिड़कियों, कांच, अलमारी, पंखे तथा गिरने वाली अन्य वस्तुओं से दूर रहना चाहिए। यदि मेज उपलब्ध न हो, तो झुककर किसी सुरक्षित स्थान पर सिर और गर्दन को ढकते हुए तब तक रुके रहना चाहिए, जब तक झटके बंद न हो जाएं। विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि भूकंप के दौरान सीढ़ियों की ओर दौड़ना, लिफ्ट का उपयोग करना, खिड़की से बाहर कूदना अथवा भगदड़ मचाना खतरनाक हो सकता है। यदि बच्चे खुले मैदान में हों, तो भवनों, दीवारों, पेड़ों, बिजली के खंभों और तारों से दूर खुले स्थान पर चले जाएं। झटके बंद होने के बाद शिक्षक के निर्देशों का पालन करते हुए कतारबद्ध तरीके से सुरक्षित स्थान पर पहुंचें और क्षतिग्रस्त भवन में दोबारा प्रवेश न करें। कार्यक्रम में आपदा के बाद घायल व्यक्तियों की सहायता करते समय सावधानी बरतने, बिजली के टूटे तारों से दूर रहने तथा जरूरत पड़ने पर आपातकालीन सहायता लेने के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया।
