बिजली चोरी पर पावर कंपनी का बड़ा शिकंजा, 195 कनेक्शनों की जांच में 53 जगह हुकिंग और मीटर बायपास

महासमुंद-गरियाबंद में 23 टीमों ने चलाया विशेष अभियान, धारा 135 व 138 के तहत पंचनामा; अब पुलिस और विशेष न्यायालय में होगी कार्रवाई
महासमुंद। बकाया बिजली बिल जमा किए बिना कटे कनेक्शन से दोबारा बिजली जलाने वालों पर छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। महासमुंद और गरियाबंद जिले में चलाए जा रहे विशेष जांच अभियान के तहत 24 अक्टूबर को 23 टीमों ने महासमुंद, कोमाखान, बागबाहरा, सांकरा, पटेवा, गरियाबंद के देवभोग तथा सरायपाली के पालसी, यासीन कॉलोनी, इनायत पारा और भंवरपुर रोड क्षेत्र में कार्रवाई की। करीब 195 कनेक्शनों की जांच में 53 उपभोक्ता कटे कनेक्शन के बावजूद हुकिंग अथवा मीटर बायपास कर बिजली का उपयोग करते मिले।
जांच में सामने आया कि कई उपभोक्ताओं के स्मार्ट मीटर से रिमोट के जरिए बिजली आपूर्ति पहले ही बंद की जा चुकी थी। वहीं नॉन-स्मार्ट मीटर वाले कई कनेक्शनों की बिजली लाइन खंभे से काटी गई थी। इसके बावजूद दोबारा अनधिकृत तरीके से बिजली का उपयोग किया जा रहा था। जांच टीमों ने ऐसे मामलों में मौके पर पंचनामा तैयार किया है।
धारा 135 और 138 के तहत कार्रवाई
बिजली चोरी और विद्युत व्यवस्था से छेड़छाड़ के इन मामलों में विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 135 एवं 138 के तहत कार्रवाई की जा रही है। तैयार किए गए प्रकरणों को नियमानुसार पुलिस थाने एवं विशेष न्यायालय में प्रस्तुत करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। कंपनी के अनुसार धारा 135 के तहत बिजली चोरी सिद्ध होने पर दोषसिद्धि की स्थिति में कारावास और जुर्माने का प्रावधान है। वहीं धारा 138 में मीटर से छेड़छाड़, मीटर बायपास करने, अनधिकृत लाइन जोड़ने अथवा विद्युत आपूर्ति में हस्तक्षेप करने पर भी दंड का प्रावधान है।
पहले 263 प्रकरण, अब 53 और सामने आए
महासमुंद और गरियाबंद जिले में चल रहे इस विशेष अभियान के तहत इससे पहले 263 प्रकरणों में पंचनामा तैयार कर उन्हें विशेष न्यायालय में प्रस्तुत करने की तैयारी की गई थी। अब 53 नए मामले सामने आने के बाद कार्रवाई का दायरा और बढ़ गया है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि बकाया राशि जमा किए बिना कटे कनेक्शन को स्वयं जोड़कर बिजली का उपयोग करना कानूनी कार्रवाई का कारण बनेगा।
31 मार्च 2027 तक चलेगा अभियान सीएसपीडीसीएल का यह विशेष जांच अभियान 31 मार्च 2027 तक लगातार जारी रहेगा। कंपनी ने बकायादार उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अनधिकृत तरीके से बिजली का उपयोग करने के बजाय बकाया विद्युत देयक जमा करें और पात्रता के अनुसार समाधान योजना का लाभ लेने के लिए पंजीयन कराएं। कंपनी के मुताबिक अभियान के दौरान कई उपभोक्ताओं ने बकाया भुगतान और समाधान योजना के जरिए राहत लेने के विकल्पों की जानकारी भी ली है।
कंपनी की दो टूक, कटे कनेक्शन से बिजली जलाना पड़ेगा भारी
विद्युत कंपनी ने उपभोक्ताओं को चेताया है कि बकाया भुगतान के कारण विच्छेदित कनेक्शन को बिना अनुमति दोबारा जोड़ना, खंभे से हुकिंग करना या मीटर को बायपास कर बिजली का उपयोग करना दंडनीय है। ऐसे मामलों में बिजली चोरी की कार्रवाई के साथ बकाया देयक, आकलित चोरी की राशि, अधिभार और अन्य वैधानिक शुल्क की वसूली भी नियमानुसार की जा सकती है। कंपनी ने उपभोक्ताओं से निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही बिजली का उपयोग करने और किसी भी कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए संबंधित विद्युत कार्यालय से संपर्क करने की अपील की है।

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