नाके पर चेकिंग देख भागे तस्कर, पुलिस ने पीछाकर दबोचा; 58.57 लाख का गांजा जब्त

ओडिशा से भिलाई ले जाई जा रही थी गांजे की खेप, पायलटिंग कर रही कार समेत दो वाहन पकड़े; 4 आरोपी गिरफ्तार, कुल 71.96 लाख की संपत्ति जब्त
महासमुंद। पुलिस और एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने गांजा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 117.15 किलो गांजा जब्त किया है। इसकी अनुमानित कीमत 58 लाख 57 हजार 500 रुपए बताई गई है। पुलिस ने गांजा परिवहन में इस्तेमाल दो कारों समेत कुल 71 लाख 96 हजार 500 रुपए की संपत्ति जब्त करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक आरोपी नाबालिग बताया गया है।
पुलिस के अनुसार 20 सितंबर को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कार क्रमांक 23 बीएच 9438 जी में गांजे की खेप ओडिशा से महासमुंद होते हुए रायपुर की ओर जा रही है। इसके साथ आरजे 20 सीएफ 5060 नंबर की कार पायलटिंग कर रही है। सूचना मिलते ही एएनटीएफ और महासमुंद थाना पुलिस की टीम ने घोड़ारी के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-53 और 353 पर नाकाबंदी कर वाहनों की निगरानी शुरू की।
चेकिंग देखकर वापस भागने लगे वाहन
कुछ देर बाद मुखबिर के बताए दोनों वाहन घोड़ारी सहायता केंद्र के पास पहुंचते दिखाई दिए। पुलिस की चेकिंग देखकर दोनों कारों के चालक अचानक वाहन वापस मोड़कर भागने लगे। पुलिस टीम ने तत्काल दोनों वाहनों का पीछा शुरू किया। पीछा करते हुए पुलिस ने गिरवर साहू फर्शी उद्योग के सामने ग्राम मुढेना के पास दोनों कारों को रोक लिया।
ट्रॉली बैग और बोरियों में छिपाकर रखा था गांजा
पुलिस ने दोनों वाहनों की तलाशी ली। इस दौरान कार क्रमांक 23 बीएच 9438 जी के अंदर ट्रॉली बैग और प्लास्टिक बोरियों में रखा 117.15 किलो गांजा बरामद हुआ। पूछताछ में आरोपियों ने गांजा ओडिशा से लाकर भिलाई ले जाना बताया। पुलिस ने गांजे के साथ दोनों कार, चार मोबाइल फोन और सोने जैसे दिखने वाले आभूषण भी जब्त किए। पुलिस ने मामले में लोकेश मीणा (32), अभिषेक गोचर (27), राकेश मीणा (30) और 17 वर्ष 10 माह के एक नाबालिग को पकड़ा है। तीनों वयस्क आरोपी राजस्थान के रहने वाले हैं, जबकि लोकेश वर्तमान में भिलाई में रह रहा था। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 20(बी) एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

इन्हें भी पढ़े