वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, पिथौरा में अवैध शिकार का मामला, दो मुख्य आरोपी गिरफ्तार

महासमुंद। वन विभाग ने अवैध शिकार के प्रकरणों में सख्ती बरतते हुए तेजी से कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी क्रम में 7 मई को वन परीक्षेत्र पिथौरा अंतर्गत सुखीपाली में कक्षा क्रमांक 234 के समीप शांतिनगर में 4 मई को हुए मादा नीलगाय के अवैध शिकार के मामले में दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
वन विभाग की टीम ने मुकदमा दर्ज कर शांतिनगर निवासी ईश्वर राणा पिता मनीराम राणा और टेकचंद पिता सीताराम को गिरफ्तार किया। इनके साथ ही विधाधर पिता ललित प्रधान को भी आरोपी बनाया गया है।
बता दें कि, 4 मई 2026 को सुखीपाली क्षेत्र में मादा नीलगाय का शिकार कर उसे मार डाला गया था। वन विभाग की सतर्क टीम को सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई शुरू की गई। गहन पूछताछ और सबूतों के आधार पर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। एक आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश और गिरफ्तारी के लिए सतत प्रयास किए जा रहे हैं।
इस मामले में भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर सभी आरोपियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
यह कार्रवाई वन विभाग के डीएफओ मयंक पाण्डेय के निर्देश पर तथा सुश्री डिंपी बैंस, संयुक्त वन मंडलाधिकारी, उप वन मंडल पिथौरा के मार्गदर्शन में संपन्न हुई।
इस संपूर्ण कार्रवाई में सुखराम निराला, वन परीक्षेत्र अधिकारी पिथौरा, ललित कुमार पटेल (वनपाल, सहायक परीक्षेत्र अधिकारी पूर्व पिथौरा), कोकिलकांत दिनकर (वनरक्षक), पुष्पा नेताम (वनरक्षक), विरेंद्र बंजारे (वनरक्षक), प्रमा ठाकुर (वनरक्षक) तथा अन्य वन कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मी शामिल रहे।
वन विभाग ने स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे वन्यजीव अपराधों की सूचना तुरंत वन विभाग या नजदीकी पुलिस स्टेशन को सूचित करें। वन्यजीव संरक्षण में जनसहयोग अत्यंत आवश्यक है।
यह कार्रवाई वन विभाग की प्रतिबद्धता को दर्शाती है कि वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए विभाग किसी भी हद तक जा सकता है। विभाग आगे भी ऐसे सभी प्रकरणों पर सतर्क नजर रखे हुए है।