छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शासन-प्रशासन के कार्यों का मूल्यांकन हेतु आयोजित किया जा रहा है सुशासन तिहार: सांसद
मटिया अ में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित हुए हितग्राही
शिविर में सांसद, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं आला अधिकारी हुए शामिल, मौके पर 1390 आवेदनों का किया गया निराकरण
बालोद, 12 मई 2026/कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद भोजराज नाग ने कहा कि समाज के सभी वर्गों के लोगों के सर्वांगीण विकास हेतु आम जनता को सुगम पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराना छत्तीसगढ़ सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल हैं। नाग ने कहा कि इसी मंशा के अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा आम जनता के बीच पहुँचकर शासन-प्रशासन के कार्यों के मूल्यांकन हेतु सुशासन तिहार 2026 का आयोजन किया जा रहा है। सांसद नाग आज जिले के गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम मटिया अ में सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर के अवसर पर अपना उद्गार व्यक्त कर रहे थे। नाग कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारियों को मंच में तलब कर सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त आवेदनों के निराकरण की वास्तविक स्थिति के संबंध में जानकारी ली। समारोह में गुण्डरदेही विधानसभा क्षेत्र के विधायक कुंवर सिंह निषाद, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के उपाध्यक्ष नरेश यदु, पूर्व विधायक विरेन्द्र साहू एवं नगर पंचायत गुण्डरदेही के अध्यक्ष प्रमोद जैन के अलावा कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुनील चंद्रवंशी, जनपद अध्यक्ष पुरूषोत्तम चंद्राकर, जनपद उपाध्यक्ष नीतिश यादव, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती मीना उमाशंकर साहू, गुलशन चंद्राकर एवं श्रीमती कांति सोनेश्वरी सहित पवन सोनबरसा, गविन्द्र साहू, जीतू विश्वास गुप्ता, देवेन्द्र साहू, लेखराम साहू एवं अन्य जनप्रतिनिधियों के अलावा एसडीएम श्रीमती प्रतिमा ठाकरे झा एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारीगण उपस्थित थे। मटिया अ में आज आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में हितग्राही एवं ग्रामीणों को शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया। शिविर में आज विभिन्न विभागों से 1556 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिसमें 1390 आवेदनों का निराकरण सुनिश्चित किया गया।
इस अवसर पर सांसद नाग ने इस भीषण गर्मी में आम जनता के बीच पहुँचकर धरातल पर शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति का मूल्यांकन हेतु सुशासन तिहार 2026 के आयोजन के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाले छत्तीसगढ़ सरकार के हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि इस सुशासन तिहार के माध्यम से शासन-प्रशासन के लोग आम जनता के बीच पहुँचकर उनके वास्तविक समस्याओं से रूबरू होने के अलावा उनके मांगों एवं समस्याओं का समुचित निराकरण भी सुनिश्चित किया जा रहा है जो कि बहुत ही सराहनीय कार्य है। नाग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा देश एवं प्रदेश को विकसित बनाने की दिशा में पूरी ईमानदारी के साथ कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार एकात्म मानववाद के प्रणेता पं. दीनदयाल उपाध्याय के आदर्शों को आत्मसात कर समाज के सभी वर्गों के साथ-साथ अंतिम पंक्ति के लोगों के कल्याण हेतु कार्य कर रही है। इसके लिए केन्द्र व राज्य सरकार के द्वारा समाज के सभी वर्गों के कल्याण हेतु अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस सुशासन तिहार के माध्यम से राज्य सरकार के द्वारा धरातल पर शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति की पड़ताल की जा रही है। नाग ने शिविर में उपस्थित सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों से सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत विभिन्न विभागों से प्राप्त आवेदनों पर संवदेनशीलता के साथ कार्यवाही करते हुए उनका शत प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित करने को कहा है। जिससे आम जनता को शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। इस अवसर पर उन्होंने केन्द्र व राज्य सरकार के द्वारा सभी वर्गों के कल्याण हेतु संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के संबंध में जानकारी ली। नाग ने विभिन्न विभागों के द्वारा सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों के निराकरण हेतु की गई कार्यवाही के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने विभिन्न विभागों के द्वारा आम जनता से प्राप्त आवेदनों के समुचित निराकरण हेतु बेहतर कार्यों की भी सराहना की। इस अवसर पर उन्होंने राज्य व केन्द्र सरकार के द्वारा आगामी खरीफ सीजन हेतु किसानों के लिए खाद, बीज की समुचित उपलब्धता, पेयजल की समुचित आपूर्ति आदि मूलभूत एवं अतिआवश्यक सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराने हेतु की जा रही कार्यों की संबंध में भी जानकारी दी। नाग ने कहा कि वर्तमान में खाड़ी देशों में चल रहे भीषण युद्ध के फलस्वरूप पूरे देश और दुनिया में पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति थोड़ा बाधित हुआ है। लेकिन सरकार के द्वारा इस समस्या के निराकरण हेतु समुचित प्रयास किए जा रहे हैं। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देश वासियों से पेट्रोल, डीजल आदि पदार्थों के उपयोग में मितव्ययता बरतने की अपील की भी जानकारी दी। नाग ने कहा कि हमारे देश एवं प्रदेश को विकसित बनाने में समाज के सभी वर्गों का सहयोग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने इस पूनीत कार्य में आम नागरिकों के साथ-साथ अधिकारी-कर्मचारियों को सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक कुंवर सिंह निषाद ने शिविर में उपस्थित ग्रामीणों को जनसमस्या निवारण शिविर के उद्देश्यों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने सभी विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को आम जनता से प्राप्त आवेदनों का पूरी संवेदनशीलता के साथ निराकरण सुनिश्चित करने को कहा। निषाद ने विभागों द्वारा शिविर में प्राप्त आवेदनों के निराकरण हेतु की जा रही कार्यवाही की सराहना की। इस अवसर पर उन्होंने अंचल के प्रमुख मांगों की ओर जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासन के आला अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट भी कराया। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर ने सुशासन तिहार 2026 के उद्देश्यों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए कहा कि राज्य के प्रत्येक नागरिकों को सुगम एवं पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार कृतसंकल्पित है। इसी संकल्पना के साथ आम जनता के बीच पहुँचकर उनके वाजिब समस्याओं तथा शासकीय योजनाओं की क्रियान्वयन की हालत जानने के लिए राज्य सरकार के द्वारा सुशासन तिहार का आयोजन किया गया है।
कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने कहा कि शासन के मंशानुरूप बालोद जिला प्रशासन शासकीय योजनाओं का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित कर इन योजनाओं का लाभ समाज के सभी वर्गों के लोगों तक पहुँचाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। श्रीमती मिश्रा ने कहा कि शासन के मंशानुरूप सभी विभागों के द्वारा सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदनों का समुचित निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने आज मटिया अ में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर के दौरान प्राप्त आवेदनों के निराकरण की स्थिति की भी सराहना की। श्रीमती मिश्रा ने शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए किसानों को शासकीय योजनाओं का लाभ लेने हेतु एग्रीस्टेक पोर्टल में अनिवार्य रूप से पंजीयन कराने को कहा। उन्होंने जल जीवन मिशन अंतर्गत जिले के प्रत्येक घरों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित कराने हेतु किए जा रहे कार्यों के संबंध में भी जानकारी दी। श्रीमती मिश्रा ने कहा कि हमारे जिले को बाल विवाह मुक्त जिला बनने का गौरव प्राप्त हुआ है। जिसे ध्यान में रखते हुए हम सभी जिले वासियों को बाल विवाह की रोकथाम के कार्य में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने आम नागरिकों को जनसमस्या निवारण शिविर में अनिवार्य रूप से उपस्थित होकर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने की भी अपील की।
शिविर में आज सांसद भोजराज नाग, विधायक कंुवर सिंह निषाद, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर एवं अन्य अतिथियों के द्वारा हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत आवास निर्माण पूर्णता प्रमाण पत्र, श्रम कार्ड वितरण, मत्स्य पालन प्रचार योजना हितग्राहियों को मछली जाल के अलावा दिव्यांग जनों को छड़ी एवं श्रवण यंत्र भी प्रदान किया गया। शिविर में कृषकों को डिजिटल किसान किताब, हितग्राहियों को नया राशन कार्ड का भी वितरण किया गया। इसके अलावा शिविर में राज्य शासन के निर्देशानुसार दिव्यांगजनों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने हेतु मेडिकल बोर्ड लगाया गया था। इस दौरान मेडिकल बोर्ड में शामिल विशेषज्ञ चिकित्सकों के द्वारा शिविर में दिव्यांगजनों का दिव्यांगता प्रमाण पत्र भी बनाया गया। शिविर में अतिथियों के द्वारा नन्हें-मुन्हें बच्चों को स्वादिष्ट खीर खिलाकर उनका अन्नप्राशन संस्कार कराया गया। इसके अलावा गर्भवती माताओं को सुपोषण किट भेंटकर उनके गोदभराई के रस्म को पूरा किया गया।
जनसमस्या निवारण शिविर में आज पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को 870 में से 858 आवेदन, समाज कल्याण विभाग को 98 में से 98, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग को 158 में से 149, ऊर्जा विभाग को 81 आवेदनों में से 26 आवेदन, कृषि विभाग को 37 में से 18, खाद्य विभाग को 47 में से 46 आवेदन, महिला बाल विकास विभाग को प्राप्त 61 में से 61, श्रम विभाग को प्रापत 15 में से 14, शिक्षा विभाग को प्राप्त 17 में से 14 आवेदनों का निराकरण सुनिश्चित किया गया। शिविर में आज विभिन्न विभागों से कुल 1556 आवेदन प्राप्त हुए थे। जिसमें से कुल 1390 आवेदनों का निराकरण किया गया।
