महाराणा प्रताप जयंती पर राजपूत क्षत्रिय समाज ने किया शरबत वितरण, गोष्ठी व सेवा कार्य
महानायक के आदर्शों को आत्मसात करने का किया आह्वान, दिव्यांग बच्चों को कराया स्वल्पाहार
महासमुंद। राजपूत क्षत्रिय समाज महासमुंद द्वारा स्वाधीनता आंदोलन के महानायक एवं क्षत्रिय कुलभूषण महाराणा प्रताप की जयंती शनिवार 09 मई 2026 को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर समाज की ओर से विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत दोपहर 12 बजे ओवरब्रिज के पास शरबत वितरण से हुई, जहां समाज के युवा सदस्यों ने राहगीरों एवं आमजन को शरबत पिलाकर सेवा कार्य किया। इसके बाद शाम 6 बजे सामाजिक भवन नयापारा महासमुंद में महाराणा प्रताप एवं भारत माता की पूजा-अर्चना कर मुख्य कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
इस दौरान महाराणा प्रताप के जीवन, त्याग, राष्ट्रभक्ति और स्वाभिमान पर आधारित गोष्ठी आयोजित की गई। समाज के अध्यक्ष उदयपाल सिंह भदोरिया ने कहा कि वर्तमान समय में देश जिन परिस्थितियों से गुजर रहा है, उसमें महाराणा प्रताप के विचारों और आदर्शों को आत्मसात करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप त्याग, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक थे।
समाज के संरक्षक भरत सिंह ठाकुर अधिवक्ता ने महाराणा प्रताप के प्रिय हाथी रामप्रसाद की स्वामीभक्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि महाराणा प्रताप ने कभी पराधीनता स्वीकार नहीं की और देश की स्वतंत्रता एवं सम्मान के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उन्होंने बताया कि बंदी बनाए जाने के बाद हाथी रामप्रसाद ने भी भोजन-पानी त्यागकर अपने प्राण त्याग दिए थे।
समाज के वरिष्ठ सदस्य धर्मेंद्र सिंह ठाकुर ने महाराणा प्रताप के चेतक घोड़े की वीरता और स्वामीभक्ति का उल्लेख करते हुए युवाओं से उनके आदर्शों का अनुसरण करने का आह्वान किया। वहीं समाज के सचिव देवनारायण सिंह बिसेन ने कविता के माध्यम से महाराणा प्रताप के जीवन चरित्र का भावपूर्ण वर्णन किया।
कार्यक्रम के अंत में गुमान सिंह ठाकुर ने आभार प्रदर्शन किया। इस अवसर पर समाज द्वारा दिव्यांग बच्चों को स्वल्पाहार भी कराया गया।
कार्यक्रम में संपत सिंह गौतम, कल्याण सिंह ठाकुर, मनोहर सिंह ठाकुर, वैभव सिंह तोमर, श्रीमती आशा ठाकुर, श्रीमती माहेश्वरी ठाकुर, अनीता ठाकुर, कांति ठाकुर, ऊषा ठाकुर, रुचि ठाकुर, श्रेया ठाकुर, पूर्वा ठाकुर, शिखा ठाकुर, श्यामा राजपूत, ऋषभ Rajput सहित बड़ी संख्या में राजपूत क्षत्रिय समाज के सदस्य उपस्थित रहे।
