एआई बने तस्वीरों के माध्यम से जल संरचनाएं दर्शाकर पुरस्कार प्राप्त किया गया: विनोद
महासमुंद। पूर्व विधायक विनोद सेवनलाल चंद्राकर ने आरोप लगाया है कि जिले में जमीनी स्तर पर कार्य कराए बिना एआई जनरेटेड तस्वीरों के माध्यम से जल संरचनाएं दर्शाकर पुरस्कार प्राप्त किया गया। उन्होंने कहा कि महासमुंद जिले को जल संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रथम पुरस्कार मिला, किंतु धरातल पर चेक डैम, तालाब और पौधारोपण जैसे कार्य दिखाई नहीं देते। केवल कागजी परियोजनाएं तैयार कर उच्च अधिकारियों को भ्रमित किया गया। श्री चंद्राकर ने आरोप लगाया कि योजना की लाखों रुपये की राशि एक कर्मचारी के निजी खाते में जमा की गई, जो वित्तीय निर्देशों का खुला उल्लंघन है। शासन द्वारा 5000 रुपये से अधिक के भुगतान हेतु ई-पेमेंट व्यवस्था अनिवार्य है, बावजूद इसके नियमों की अनदेखी की गई। उन्होंने भंडार नियम 2002 (संशोधित 2022) के उल्लंघन, बिलों में पीआईए एवं डब्ल्यूडीटी के प्रमाणीकरण के अभाव, तथा एक ही वेंडर को बार-बार भुगतान जैसे गंभीर आरोप लगाए। साथ ही 10 लाख रुपये अग्रिम भुगतान बिना कार्य पूर्ण किए जारी करने की बात कही। परियोजना 1 एवं 2 में जियो टैगिंग नहीं किए जाने और भुगतान नोटशीट में हितग्राही व वेंडर का नाम स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं करने को भी उन्होंने गंभीर लापरवाही बताया। उन्होंने कहा कि एआई से तैयार तस्वीरों के माध्यम से वरिष्ठ अधिकारियों को भ्रमित कर प्रथम स्थान प्राप्त किया गया है। इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कलेक्टर को पत्र प्रेषित किया गया है।
