बिना साफ किए डिवाइडर को रंग-रोगन में गुणवत्ता और मानकों की अनदेखी!
नागरिकों ने कार्य की तकनीकी जांच कराने की मांग की
महासमुंद। जिले के बागबाहरा नगर से गुजर रहे नेशनल हाईवे 353 में जारी सड़क मरम्मत कार्य एक बार फिर सुर्खियों में है। पहले निर्माण स्थल पर सुरक्षा इंतजामों और कार्य में लापरवाही को लेकर सवाल उठे थे, और अब सड़क के बीच बने डिवाइडर पर किए जा रहे रंग-रोगन ने नई बहस छेड़ दी है। मरम्मत कार्य के तहत ठेकेदार द्वारा डिवाइडर पर काला-पीला पेंट किया जा रहा है। लेकिन मौके पर जो तस्वीरें सामने आईं, वे चिंताजनक है। डिवाइडर की सतह से धूल-मिट्टी साफ नहीं की गई, पानी से धुलाई नहीं हुई,न ही कपड़े से पोंछकर आधार तैयार किया गया। जिससे बिना सतह तैयार किए सीधे रंग देने से कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी स्थिति में पेंट कुछ ही दिनों में उखड़ जाएगा, जिससे सरकारी धन की बर्बादी तय है। नागरिकों का आरोप है कि डिवाइडर को काला-पीला रंगने के नाम पर काम में ही ‘काला-पीला’ हो रहा है। लोगों का आरोप है कि यह कार्य केवल औपचारिकता निभाने और बिल बनाने तक सीमित दिख रहा है। नागरिक का कहना है कि, हम अपने घर में रंग कराने से पहले दीवार साफ करते हैं, लेकिन यहां सरकारी काम में बुनियादी सावधानी भी नहीं बरती जा रही।
जनाक्रोश और मांग
घटिया गुणवत्ता को लेकर नगरवासियों में नाराजगी है। लोगों ने संबंधित विभाग से मांग की है कि कार्य की तकनीकी जांच कराई जाए, गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए और लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई हो। फिलहाल, नगरवासियों की नजरें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं क्या जांच होगी और क्या जिम्मेदारों पर कोई कार्रवाई की जाएगी?
