प्राइस सपोर्ट स्कीम के तहत समर्थन मूल्य पर सोयाबीन खरीदी करने वाला पहला जिला बना राजनांदगांव
राजनांदगांव 07 जनवरी 2026। प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान के तहत समर्थन मूल्य पर खरीफ में सोयाबीन, अरहर, उड़द तथा मूंग फसलों की समर्थन मूल्य पर खरीदी करने हेतु राज्य सरकार द्वारा अधिसूचना जारी कर राज्य भर में अलग-अलग सेवा सहकारी समितियां को उपार्जन केंद्र का दर्जा दिया गया है। जिले में इस प्रकार के 15 उपार्जन केंद्र का चिन्हांकन किया गया है, साथ ही स्वर्ण उपज कृषक उत्पादक संगठन सुकुलदैहान को उपार्जन केंद्र के रूप में अधिसूचित किया गया है।
राज्य सरकार द्वारा नाफेड (भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ) के माध्यम से जिले में खरीफ दलहन, तिलहन फसलों की खरीदी की जा रही है। जिसके लिए समर्थन मूल्य पहले ही जारी किया जा चुका है। जिसके अनुसार सोयाबीन रूपए 5328 रूपए प्रति, मूंग 8768 रूपए, उड़द 7800 रूपए, अरहर 8000 रूपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। साथ ही उपार्जन की मात्रा भी तय की गई है। जिसके अनुसार सोयाबीन 5 क्विंटल प्रति एकड़ तथा उड़द, अरहर एवं मूंग तीन क्विंटल प्रति एकड़ निर्धारित किया गया है। अब तक पूरे राज्य में केवल राजनंदगांव जिले द्वारा प्राइस सपोर्ट स्कीम की शुरूआत करते हुए किसान हेमंत कुमार नायक एवं विनोद वर्मा से स्वर्ण उपज बहुउद्देशीय कृषक उत्पादक संगठन सुकुलदैहान उपार्जन केंद्र में 5 क्विंटल सोयाबीन की खरीदी की गई। जिसकी कुल 26640 रूपए होती है। आने वाले दिनों में और अधिक मात्रा में जिले के किसानों द्वारा अरहर, मूंग, उड़द एवं सोयाबीन की फसल का उपार्जन समितियों में किया गया। उपसंचालक कृषि टीकम सिंह ठाकुर ने बताया कि नाफेड द्वारा समृद्धि पोर्टल जो कि एकीकृत किसान पोर्टल से लिंक के माध्यम से ऑनलाइन खरीदी कर दलहन, तिलहन फसलों का उपार्जन किया जा रहा है। जिससे किसानों को समर्थन मूल्य का सीधा लाभ उनके बैंक अकाउंट में प्राप्त होगा। आने वाले वर्षों में यह दलहन, तिलहन क्षेत्र विस्तार हेतु महत्वपूर्ण योजना बनाकर उभरेगा।
