खरीदी की बदहाल व्यवस्था और टोकन न मिलने से संकट में किसान : मानिक

महासमुंद। किसान कांग्रेस के जिला अध्यक्ष मानिक साहू ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सुशासन का ढोल पीटने वाली सरकार किसानों की पीड़ा के प्रति पूरी तरह संवेदनहीन हो चुकी है। महासमुंद जिले में धान खरीदी की बदहाल व्यवस्था और टोकन न मिलने से किसान गहरे संकट में हैं। हालात इतने भयावह हैं कि मनबोध गाड़ा जैसे अन्नदाता आत्महत्या की कोशिश करने मजबूर हो रहे हैं, जो सरकार की नाकामी का जीता-जागता सबूत है।
श्री साहू ने कहा कि एग्रीस्टैक पोर्टल में रकबा शून्य या कम दिखना, कैरी फॉरवर्ड और रकबा संशोधन की सुविधा समय पर नहीं खुलने के कारण हजारों किसान धान बेचने से वंचित रह गए हैं। वहीं धान खरीदी की लिमिट बेहद कम रखी गई है और परिवहन व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। खरीदी केंद्रों पर धान का अंबार लगा है, जिससे भारी जाम की स्थिति बन रही है। किसान दिन-रात कतारों में खड़े रहने मजबूर हैं, फिर भी उन्हें अपनी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा।
उन्होंने आगे कहा कि रबी फसल का मौसम नजदीक है, लेकिन खाद और बीज की उपलब्धता में सरकार की घोर लापरवाही सामने आ रही है। किसानों को समय पर गुणवत्तायुक्त खाद-बीज नहीं मिल पा रहा, जिससे आने वाली फसल पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं। भाजपा सरकार किसानों के हितों की रक्षा करने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। उन्होंने सरकार से धान खरीदी से जुड़ी सभी समस्याओं का समाधान करने की मांग करते हुए कहा कि सभी पंजीकृत किसानों को बिना बाधा धान बेचने की सुविधा मिले,रकबा संशोधन और कैरी फॉरवर्ड की प्रक्रिया पुन: शुरू की जाए,खरीदी केंद्रों पर परिवहन और जाम की समस्या दूर की जाए,रबी फसल हेतु खाद-बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए,किसान आत्महत्या की घटनाओं की गंभीर जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।