जिला न्यायालय में आयोजित नेशनल लोक अदालत में 85 हजार से अधिक प्रकरणों का निराकरण
उत्तर बस्तर कांकेर, 13 सितम्बर 2025/ राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में जिला एवं सत्र न्यायालय कांकेर में तृतीय नेशनल लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। लोक अदालत में त्वरित, सौहार्दपूर्ण एवं आपसी सहमति से कुल 85 हजार 988 प्रकरणों का निराकरण किया गया। जिले में कुल 09 खंडपीठ गठित किए गए, जिनमें कांकेर में 05, भानुप्रतापपुर में 02 तथा पखांजूर में 02 खंडपीठ शामिल थे।
कांकेर में गठित खंडपीठों की अध्यक्षता क्रमशः
खंडपीठ क्र. 1 में आनंद कुमार ध्रुव, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, खंडपीठ क्र. 2 में रमाशंकर प्रसाद, कुटुंब न्यायाधीश
क्र. 3 में भास्कर मिश्र, सिविल जज सीनियर डिवीजन/मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, क्र. 4 : श्रीमती अम्बा शाह, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, क्र. 5 में सुश्री सुनीति नेताम, न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय श्रेणी, इसी प्रकार भानुप्रतापपुर में खंडपीठ क्र. 1 में दीपक के. गुप्ता, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, खंडपीठ क्र. 2 में गुलापन राम यादव, सिविल जज सीनियर डिवीजन। पखांजूर में खंडपीठ क्र. 1 में विजय कुमार मिंज, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश,खंडपीठ क्र. 2 में ध्रुवराज ग्वाल, न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय श्रेणी शामिल थे। इसके अतिरिक्त राजस्व न्यायालय में भी एक खंडपीठ गठित किया गया, जिसमें राजस्व प्रकरणों का निराकरण हुआ।
नेशनल लोक अदालत के माध्यम से 3,282 लंबित प्रकरणों में से 3,114 प्रकरणों का निराकरण किया गया, जिनमें कुल अवार्ड राशि 1,77,99,506/- पारित की गई। इसी तरह प्री-लिटिगेशन प्रकरणों (बैंक वसूली, विद्युत व जलकर, टेलीफोन आदि) के कुल 82,874 मामलों का निपटारा हुआ, जिनमें 55,75,630/- की समझौता राशि वसूली गई। न्यायपालिका द्वारा आम नागरिकों को त्वरित, सरल एवं सुलभ न्याय उपलब्ध कराने की यह पहल सराहनीय रही।
लोक अदालत के अवसर पर निःशुल्क चिकित्सा जांच शिविर भी आयोजित किया गया, जिसमें 29 लोगों के रक्तचाप, शुगर आदि की जांच की गई। यह सेवा विशेष रूप से बुजुर्गों और दूरदराज से आए लोगों के लिए लाभकारी रही, जिससे उन्हें स्वास्थ्य संबंधी परामर्श भी मिला।
———-
