2 अक्टूबर तक चलेगा आदि कर्मयोगी अभियान

जनजातीय परिवारों को योजनाओं से किया जाएगा लाभान्वित
गरियाबंद 20 अगस्त 2025/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ में “आदि कर्मयोगी अभियान” 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2025 तक चलाया जाएगा। छत्तीसगढ़ सहित देशभर के अनेक राज्यों में संचालित हो रहे इस अभियान का उद्देश्य जनजातीय अंचलों में सेवा, समर्पण और सुशासन की भावना के साथ शासकीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है। इस अभियान के अंतर्गत जनजातीय परिवारों को मूलभूत सुविधाओं से लाभान्वित किया जाना है। इस अभियान के अंतर्गत जिले के आदिवासी बहुल ग्रामों को शामिल किया गया है। अभियान के संचालन हेतु ग्राम स्तर पर एनजीओ, स्वयंसेवी, पंचायत प्रतिनिधि, युवा एवं सेवाभावी संगठन तैयार किए जाएंगे। ये कैडर आवास, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं से संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन तथा ग्राम विकास की योजना निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। अभियान के अंतर्गत प्रशिक्षण कार्यक्रम जिला, ब्लॉक और ग्राम स्तर पर चरणबद्ध रूप से आयोजित किए जाएंगे। साथ ही ग्रामों के “ट्राइबल विलेज विजन 2030” का निर्माण भी किया जाएगा। इस दौरान शिकायत निवारण शिविर, जनजागरूकता अभियान तथा “आदिवासी सेवा दिवस” का आयोजन किया जाएगा। प्रत्येक चयनित ग्राम में “आदि सेवा केंद्र” की स्थापना की जाएगी, जो शासकीय सेवाओं की प्रदायगी और जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने का केंद्र बनेगा। पूरे अभियान के दौरान ‘आदि सेवा केंद्र’ के माध्यम से ‘सेवा पर्व’ और ‘आदि कर्मयोगी सेवा अभियान’ का संचालन किया जाएगा। इस अभियान के अंतर्गत जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन विगत दिवस कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में किया गया। जिसमें अभियान की विस्तृत और उद्देश्यों के संबंध में जानकारी दी गई। कार्यशाला में कलेक्टर बी.एस. उइके ने विभागीय अधिकारियों को आदि कर्मयोगी अभियान के गंभीरतापूर्वक क्रियान्वयन के लिए विशेष कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए।
इस कार्यशाला में आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त नवीन भगत द्वारा बताया गया कि प्रधानमंत्री जनजातीय न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) और धरती आबा जनजातीय उत्कर्ष अभियान संचालित किए जा रहे हैं। जिले में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजाति (कमार) के लिए 9 अलग अलग मंत्रालयों के 11 प्रकार के कार्यों से संतृप्ति का कार्य किया जा रहा है। जनमन योजना अंतर्गत जिले में विशेष पिछड़ी जनजाति कमार के 193 बसाहटों के 18000 जनसंख्या को आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, बैंक खाता, जाति प्रमाणपत्र जैसे जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। साथ ही सामुदायिक उत्थान हेतु प्रधानमंत्री आवास, स्वच्छ पेयजल, बिजली और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी विकास किया जा रहा है। वहीं धरती आबा अभियान अंतर्गत जिले के 187 ग्राम पंचायत के 334 जनजातीय बाहुल्य ग्रामों में 17 मंत्रालयों की 25 योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ प्रखर चन्द्राकर, अपर कलेक्टर प्रकाश राजपूत सहित संबंधित एसडीएम एवं जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।
सहायक आयुक्त भगत ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा शिविरों के माध्यम से योजनाओं का लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जाता रहा है, उत्कृष्ट परिणाम के लिए अब इस कार्यशैली को आदि कर्मयोगी अभियान के रूप में नई दिशा दी गई है। इसमें विकास कार्यों को तीन स्तर पर आगे बढ़ाया जाएगा। जिसमें पहला आदि कर्मयोगी तैयार करना। इनमें राज्य, जिला एवं ब्लॉक स्तर पर प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर तैयार किए जाएंगे। दूसरे क्रम में आदि सहयोगी की टीम बनाई जाएगी। जिसमें शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, चिकित्सक, युवा नेता, सामाजिक मुखिया आदि जो ग्राम स्तर पर योजना क्रियान्वयन में सहयोग करेंगे। तीसरे क्रम में आदि साथी, वे हितग्राही जिन्हें योजनाओं का सीधा लाभ दिया जाना है। कलेक्टर ने सभी विभागों को सौंपे गए दायित्वों का निर्वहन निर्देशानुसार करने कहा है। उन्होंने बताया कि ग्राम स्तर पर वालंटियर्स की नियुक्ति की जाएगी। तथा आदि सेवा केन्द्रों की स्थापना भी की जाएगी। उन्होंने सभी जनपद सीईओ को इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।