भाजपा ने 20 माह के कार्यकाल में जनविरोधी निर्णय लेने का बनाया रिकॉर्ड: विनोद
सरकार ने उपभोक्ताओं को बिजली बिल हाफ योजना के लाभ से किया वंचित
महासमुंद। छत्तीसगढ़ में बिजली बिल हाफ योजना के तहत मिलने वाली छूट सीमा घटाने के निर्णय को प्रदेश के गरीब, मध्यम वर्गीय परिवारों के साथ अन्याय बताते हुए पूर्व संसदीय सचिव विनोद सेवनलाल चंद्राकर ने सरकार के इस फैसले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने महज़ 20 महीने के कार्यकाल में ही जनविरोधी फैसले लेने का कीर्तिमान रच डाला है। भूपेश सरकार के कार्यकाल में 400 यूनिट तक खपत पर हाफ बिजली बिल योजना का लाभ उपभोक्ताओं को मिलता था। जिसे घटाकर केवल 100 यूनिट खपत पर ही हाफ बिजली बिल योजना का लाभ दिये जाने का निर्णय भाजपा ने लिया है। यदि, 100 यूनिट से 1 यूनिट भी अधिक खपत हुई तो उपभोक्ताओं को छूट नहीं मिलेगी। उन्हें पूरा बिजली बिल भरना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने डेढ़ साल के कार्यकाल में प्रदेशवासियों को राहत प्रदान करने के लिए एक भी नई योजना नहीं बनाई है। बल्कि, पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार द्वारा बनाई गई जनहित के सभी योजनाओं को बंद करने की दिशा में काम किया है। जब से प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी तब से लगातार जनविरोधी निर्णय लिए जा रहे हैं। छोटे भू-खंडों की रजिस्ट्री बंद कर दी गई, गौठानों को बंद कर दिया गया, स्वामी आत्मानंद स्कूलों की स्थिति बदहाल है, अस्पतालों में जाँच, ईलाज, दवा उपलब्ध नहीं है। अस्पतालों में खराब व कालातीत सामग्रियों की आपूर्ति की जा रही, प्रदेश का जल, जंगल जमीन, खनिज संसाधन अडाणी के हवाले कर दिया गया और अब भाजपा ने बिजली बिल हाफ योजना को बंद करने की नीयत से गरीब व मध्यम वर्ग परिवारों के विरूद्ध एक और अन्याय पूर्ण कदम उठाया है।
