कांग्रेस भवन में मनाई गई दिवंगत नेताओं की जयंती, पुष्पांजलि अर्पित कर किया नमन
महासमुंद। कांग्रेस भवन में कांग्रेस नेताओं ने ने आज दिवंगत नेता पं. विद्याचरण शुक्ल और पं. रविशंकर शुक्ल की जयंती मनाई। सभी ने पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। जयंती के मौके पर जिलाध्यक्ष डॉ. रश्मि चंद्राकर ने पंडित रविशंकर शुक्ला को श्रद्धांजलि देते हुए उनके जीवन चरित्र पर प्रकाश डाला और उन्होंने कहा कि पंडित रविशंकर शुक्ल मध्य प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री थे। वे एक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, कुशल प्रशासक और विद्वान राजनेता थे। पंडित रविशंकर शुक्ल भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन से गहराई से जुड़े रहे। वे नागपुर अधिवेशन और गांधीजी के असहयोग आंदोलन में सक्रिय रूप से भागीदार रहे। उन्होंने सविनय अवज्ञा आंदोलन और भारत छोड़ो आंदोलन में हिस्सा लिया और कई बार जेल भी गए। वे कांग्रेस के प्रमुख नेता थे और गांधीवादी विचारधारा से प्रेरित थे। प्रभारी महामंत्री संजय शर्मा ने पंडित विद्याचरण शुक्ला को याद करते हुए उन्होंने बताया कि पंडित विद्याचरण शुक्ल भारत के एक प्रमुख राजनेता, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, पत्रकार, लेखक एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री रहे हैं। वे मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक प्रभावशाली व्यक्तित्व थे। 25 मई 2013 को बस्तर के झीरम घाटी में नक्सली हमला हुआ। इस हमले में कई कांग्रेस नेता शहीद हुए और पंडित विद्याचरण शुक्ल गंभीर रूप से घायल हो गए।17 दिन तक इलाज के बाद 11 जून 2013 को उनका निधन हुआ। शहर अध्यक्ष खिलावन बघेल, ढेलू निषाद ग्रामीण अध्यक्ष,सोमेश दवे, गुरमीत चावला, हुलास गिरी गोस्वामी, प्रदीप चंद्राकर, गौरव चंद्राकर, पूर्व एल्डरमैन सुनील चंद्राकर, जावेद चौहान, सरपंच वीरेंद्र चंद्राकर, अजय थवाईत, नितेंद्र बैनर्जी, तुलसी साहू, मनोहर ठाकुर, लीलू साहू, मोती साहू, लोकू साहू, भानु सोनी उपस्थित रहे।
