बंदियों ने सभ्य और आत्मनिर्माणशील जीवन जीने का लिया संकल्प
महासमुंद। बेमचा स्थित जिला जेल में अखिल विश्व गायत्री परिवार, गायत्री शक्तिपीठ महासमुंद की महिला मंडल द्वारा एक दिवसीय व्यक्तित्व विकास शिविर का आयोजन किया गया। शिविर की शुरुआत मां गायत्री की पूजा-अर्चना व प्रज्ञा गीत से हुई।
इस अवसर पर महिला मंडल की महिलाओं ने गुरु की महिमा, गायत्री महामंत्र के प्रभाव, व्यक्तित्व विकास जैसे प्रेरणादायक विषयों पर विचार प्रस्तुत किए। शिविर में उपस्थित अनेक बंदियों ने गुरु दीक्षा ग्रहण करने का संकल्प लिया, जिसके लिए आगामी दिनों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। शिविर में पूर्णिमा साहू, धनेश्वरी, कणेश्वरी, नीलम, पिंकी, देवकुमारी, कमला, निशा चंद्राकर, प्रेमलता साहू, प्रज्ञा एवं लक्ष्मी रंहगडाले, बेमचा प्रज्ञा मंडल से राधेश्याम चंद्राकर, ओमप्रकाश, सुकालू एवं भूखन पुरोहित का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम में बंदियों ने भी अपने अनुभव साझा किए तथा गायत्री परिवार से जुड़कर एक सभ्य और आत्मनिर्माणशील जीवन जीने का संकल्प लिया।
