धान बेचने से 15 हजार से अधिक किसान हो जाएंगे वंचित : विनोद

अव्यवस्था के चलते किसान परेशान, 4.82 लाख टन धान जाम
महासमुंद। पूर्व संसदीय सचिव व महासमुंद के पूर्व विधायक विनोद सेवनलाल चंद्राकर ने कहा कि सरकार के धान खरीदी में अव्यवस्था के चलते पूरे प्रदेश के किसान परेशान हैं। आलम यह हो गया है कि प्रदेश सहित महासमुंद जिले के अधिकांश खरीदी केंद्रों में उठाव नहीं हो पाने के कारण जाम के हालात निर्मित हो रहे हैं। उठाव नहीं होने से समितियों को सूखत की चिंता सताने लगी है। चंद्राकर ने कहा कि महासमुंद जिले में 182 खरीदी केंद्रों के माध्यम से 7 जनवरी 2025 तक लगभग 7.94 लाख टन धान की खरीदी हुई है। जिसमें से मिलरों को 2.38 लाख टन तथा संग्रहण केंद्रों को 80 हजार टन धान जारी किया गया है। शासकीय आंकड़ों के अनुसार अभी भी धान खरीदी केंद्रों में आधे से अधिक धान 4.82 लाख टन जाम पड़ा है। उठाव नहीं होने से समितियों को सूखत तथा किसानों को धान बेचने में परेशानी हो रही है। चंद्राकर ने कहा कि जिले में धान खरीदी के लिए कुल 1 लाख 62 हजार 033 किसान पंजीकृत हैं। 1 लाख 29 हजार 382 किसानों से कुल 7.94 लाख टन की खरीदी हुई है। अभी भी लगभग 32 हजार पंजीकृत किसान धान नहीं बेच पाए हैं। धान खरीदी का समय 30 जनवरी तक का है। शासकीय अवकाश,रविवार अवकाश आदि छोड़कर केवल 15 दिन ही खरीदी के लिए शेष है। शासकीय आंकड़ों के अनुसार 182 धान खरीदी केंद्रों के माध्यम से प्रतिदिन लगभग औसत 1100 किसानों से धान खरीदी हो रही है। वह भी खरीदी लिमिट के आधार पर। ऐसे में केवल 15-16 दिन में भी शेष 33 हजार किसानों से धान खरीदी कर पाना संभव नहीं हो सकता। लगभग 15 हजार से अधिक किसान तय सीमा तक धान बेच नहीं पाएंगे। इसके अलावा धान संग्रहण केंद्रों में बफर लिमिट से अधिक धान जाम हो चुका है, जिसके कारण प्रतिदिन औसत किसानों से खरीदी पर भी प्रभाव पड़ेगा।