ईलाज के नाम पर महिला ने की ठगी, पुलिस ने किया गिरफतार

महासमुंद। कोतवाली थाना अंतर्गत एक अज्ञात महिला ने ईलाज के लिए पैसा दिलाने के नाम पर एक अन्य महिला के पहने हुए सोने व चांदी के 39 हजार के आभूषण लेकर फरार हो गयी। पुलिस ने प्रार्थिया की शिकायत पर अज्ञात महिला के खिलाफ बीएनएस की धारा 318 (4) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में लिया है।
जानकारी के अनुसार वार्ड 9 पटेल चौक आरंग निवासी सुमित्रा जलक्षत्री (53) ने पुलिस में शिकायत की है कि उनके पति रमेश कुमार जलक्षत्री को लीवर की बीमारी के ईलाज के लिए 9 दिसंबर को जिला अस्पताल महासमुंद में भर्ती कराया है। 13 दिसंबर को एक अज्ञात महिला ने आकर कहा कि वह चिकित्सा विभाग में काम करती हैं, गरीब परिवार को शासन की ओर से ईलाज के लिये पैसा मिलता है। मैं तुमको ईलाज हेतु शासन की ओर से पैसा दिला सकती हूं,आप लोगों को पैसा चाहिये तो मेरे साथ तहसील कार्यालय महासमुंद चलना पडेगा। मैं उनकी बातों पर विश्वास कर आटो से तहसील कार्यालय महासमुंद गई। वहां उक्त अज्ञात महिला ने मुझसे कहा-तुम्हे यहां फोटों खिंचाना है, तुमको गरीब व असहाय जैसे दिखना है, इसलिये जो भी सोने व चांदी के जेवर है उसे उतार दो। तब मैंने पहने 2 नग सोने की टाप्स व 2 नग चांदी की एैठी निकालकर अज्ञात महिला को दे दी। अज्ञात महिला कुछ देर में आ रही हूं कह कर सोने की टाप्स व ऐंठी लेकर तहसील कार्यालय के अंदर चली गई। बाहर बैठकर उनका इंतजार कर रही थी। बाद आसपास पता तलाश की किंतु वह अज्ञात महिला नहीं मिली तब मैं वापस जिला अस्पताल गई और अपने बेटे जनक जलक्षत्री को बताई। बाद दोनों सिटी कोतवाली में ठगी शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस टीम के द्वारा सीसीटीवी फ़ुटेज एवं संदिग्ध महिला की खोजबीन की जा रही थी कि मुखबिर से सूचना मिला कि संदेही हुलिया से मिलती जुलती उक्त महिला जिला अस्पताल में खड़ी है। पुलिस टीम मौका पर पहुंच कर संदिग्ध महिला से टीम ने पूछताछ करने पर आरोपी महिला ने अपना नाम पार्वती यादव पति पंचराम यादव (60) निवासी बीरगाँव थाना उरला ज़िला रायपुर निवासी होना बताई। पूछताछ करने पर प्रार्थीया के साथ ठगी कर अपराध करना स्वीकार किया। जिससे पुलिस टीम के द्वारा आरोपी महिला के क़ब्ज़े से 02 नग सोने का टाप्स व 02 नग चांदी कीमती 39000 रूपये जब्त कर उनके खिलाफ धारा 318(4) के तहत् कार्यवाही कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा है। बताया जाता है कि आरोपी महिला पार्वती यादव के विरुद्ध पूर्व में भी धोखाधड़ी और चोरी के 08 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं।