चावल की बोरियों की आड़ में करोड़ों की गांजा तस्करी, कंटेनर समेत दो तस्कर गिरफ्तार

उड़ीसा से रायपुर ले जाया जा रहा था 120.960 किलो गांजा, कीमत 60.48 लाख; कंटेनर और मोबाइल समेत एक करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त, यूपी के जौनपुर के हैं दोनों आरोपी
महासमुंद। चावल की करीब 300 बोरियों की आड़ में गांजे की बड़ी खेप लेकर जा रहे तस्करों को पुलिस ने खम्हारपाली आरटीओ बैरियर के पास दबोच लिया। कंटेनर में चावल की बोरियों के बीच छिपाकर रखे गए 120.960 किलो गांजे की तस्करी का खुलासा हुआ है। पुलिस ने मौके से उत्तरप्रदेश के जौनपुर जिले के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जब्त गांजे की कीमत 60 लाख 48 हजार रुपए आंकी गई है। वहीं कंटेनर और मोबाइल सहित कुल एक करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति जब्त करने का दावा पुलिस ने किया है।
पुलिस के अनुसार, सरायपाली पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कंटेनर क्रमांक डब्ल्यू बी 19 एल 3059 में ओडिशा से गांजे की बड़ी खेप छिपाकर खम्हारपाली बैरियर होते हुए सरायपाली के रास्ते रायपुर ले जाई जा रही है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स और सरायपाली पुलिस की संयुक्त टीम ने खम्हारपाली आरटीओ बैरियर के पास घेराबंदी कर कंटेनर का इंतजार किया।
कुछ देर बाद मुखबिर के बताए हुलिए और नंबर का कंटेनर पहुंचा तो पुलिस ने उसे रोककर तलाशी ली। वाहन में सवार दोनों व्यक्तियों से पूछताछ करने पर उनकी पहचान अमनदीप (27), निवासी लोहन्दा, सुजानगंज तथा लल्लू यादव (24), निवासी हटिया रामनाथ, थाना सुजानगंज, जिला जौनपुर (उत्तरप्रदेश) के रूप में हुई।
कंटेनर में रखे सामान के संबंध में पूछताछ करने पर दोनों ने चावल की बोरियां होने की बात कही। लेकिन संदेह के आधार पर गवाहों की मौजूदगी में कंटेनर की तलाशी ली गई तो करीब 300 बोरी चावल के बीच गांजे की चार बोरियां छिपाकर रखी मिलीं। इनमें कुल 117 पैकेट में भरा 120.960 किलो गांजा बरामद हुआ। तस्करी के इस तरीके से स्पष्ट है कि चावल की खेप की आड़ में गांजे को पुलिस की नजरों से बचाकर ले जाने की कोशिश की जा रही थी।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 20(बी) एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया है। उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
तस्करी के नेटवर्क की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस अब गांजे की खेप कहां से लाई गई थी और इसे रायपुर में किसे पहुंचाया जाना था, इसकी पड़ताल कर रही है। पुलिस सोर्स प्वाइंट से लेकर डेस्टिनेशन तक तस्करी से जुड़ी प्रत्येक कड़ी खंगाल रही है। आरोपियों के आगे और पीछे के नेटवर्क, गांजे की सप्लाई चेन तथा आर्थिक लेन-देन की भी जांच की जा रही है।

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