पारंपरिक व्यंजनों के स्वाद से सोहद्रा बनीं ’लखपति दीदी’

सालाना कमा रहीं 7 से 8 लाख रूपए
बालोद, 04 नवंबर 2026/जब मन में कुछ नया करने का जज्बा और मेहनत का पक्का इरादा हो, तो गृहस्थी की चारदीवारी से निकलकर आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिखी जा सकती है। इसे सच कर दिखाया है जिले के गुण्डरदेही विकासखंड अंतर्गत ग्राम डौकीडीह की रहने वाली श्रीमती सोहद्रा चंद्राकर ने। राज्य शासन की राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ’बिहान’ और ’लखपति दीदी’ योजना के संबल से सोहद्रा चंद्राकर ने पारंपरिक स्वाद को ही अपनी आमदनी का मजबूत जरिया बना लिया और आज वे हर साल 7 से 8 लाख रुपये तक की आय अर्जित कर ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणापुंज बन गई हैं।
बिहान योजना से मिली राह और स्वावलंबन का हौसला
श्रीमती सोहद्रा चंद्राकर की यह प्रेरक यात्रा वर्ष 2018 में शुरू हुई, जब वे बिहान योजना के तहत ’प्राची स्व-सहायता समूह’ से जुड़ीं। समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने सक्रिय महिला कैडर का विधिवत प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण के बाद उन्होंने अपने गांव में योजना के सुचारू संचालन में सक्रिय भूमिका निभाई और यह समझ विकसित की कि पारंपरिक कौशल को भी एक सफल उद्यम का रूप दिया जा सकता है।
छत्तीसगढ़ी पारंपरिक व्यंजनों को बनाया सशक्त आजीविका
ग्रामीण अंचल में घर-घर बनने वाले खान-पान को सोहद्रा ने व्यवसायिक रूप दिया। उन्होंने छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजनों जैसे चकली, पापड़, मुरकू, पौष्टिक सोंठ व तिल के लड्डू और रखिया व पोंगा जैसी विभिन्न पारंपरिक बड़ियों का गुणवत्तापूर्ण और स्वच्छता से निर्माण प्रारंभ किया। उनके हाथों से बने व्यंजनों के विशुद्ध देसी स्वाद की मांग तेजी से बढ़ने लगी। वे प्रतिवर्ष जिला एवं राज्य स्तरीय राज्योत्सव, सरस मेलों तथा विभिन्न शासकीय कार्यालयों में स्टॉल लगाकर अपने उत्पादों का विक्रय करती हैं। निरंतर गुणवत्ता और समयबद्ध आपूर्ति के चलते उनके उत्पादों की विश्वसनीयता बढ़ी, जिससे आज वे प्रतिवर्ष 7 से 8 लाख रुपये तक का शुद्ध कारोबार कर रही हैं।
’लखपति दीदी’ बन राज्योत्सव के मंच पर हुईं सम्मानित
कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के कुशल मार्गदर्शन और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुनील कुमार चन्द्रवंशी के नेतृत्व में जिले में बिहान योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का सशक्त माध्यम बनी है। उल्लेखनीय है कि जिले में स्व. सरयू प्रसाद अग्रवाल स्टेडियम में आयोजित गरिमामय छत्तीसगढ़ राज्योत्सव समारोह में मुख्य अतिथि कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद भोजराज नाग ने श्रीमती सोहद्रा चंद्राकर के उत्कृष्ट आजीविका प्रयासों और उनकी उद्यमशीलता की भूरि-भूरि प्रशंसा की। सांसद नाग द्वारा उन्हें प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया।
अन्य महिलाओं के लिए बनीं पथप्रदर्शक
एक साधारण गृहिणी से सफल महिला उद्यमी बनीं श्रीमती सोहद्रा चंद्राकर की यह उपलब्धि केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मविश्वास और स्वावलंबन का प्रतीक बन चुकी है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद देते हुए कहती हैं कि यदि सही मार्गदर्शन और योजना का लाभ मिले, तो कोई भी महिला अपनी मेहनत के बूते परिवार का सहारा बन सकती है और ’लखपति दीदी’ के रूप में अपनी अलग ही पहचान बना सकती हैं।

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