नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दो आरोपियों को 20-20 वर्ष का सश्रम कारावास

विशेष पॉक्सो न्यायालय ने सुनाई सजा, कुल 36 हजार रुपये का अर्थदंड
गरियाबंद, 10 अक्टूबर 2026/ अपर सत्र न्यायाधीश, फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय (पॉक्सो एवं बलात्कार मामले) गरियाबंद की पीठासीन न्यायाधीश श्रीमती गंगा पटेल ने नाबालिग पीड़िता के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में मुख्य आरोपी 28 वर्षीय रमजान खान तथा सहयोगी आरोपी 23 वर्षीय अब्दुल रहमान को 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास एवं प्रत्येक को 36 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। विशेष लोक अभियोजक हरि नारायण त्रिवेदी ने बताया कि 13 सितंबर 2024 को पीड़िता के पिता ने थाना देवभोग में अपनी नाबालिग पुत्री के घर से लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसी दिन शाम को पीड़िता को आरोपी रमजान खान के कब्जे से उसके मित्र अब्दुल रहमान के घर से बरामद किया। पीड़िता के कथन के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता एवं पॉक्सो अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया। प्रकरण में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 13 साक्षियों के बयान कराए गए।
प्रकरण में प्रस्तुत तथ्यों, परिस्थितियों एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने मुख्य आरोपी रमजान खान को पॉक्सो अधिनियम की धारा 6 के तहत 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 10 हजार रुपये अर्थदंड, भारतीय न्याय संहिता की धारा 87 के तहत 5 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 5 हजार रुपये अर्थदंड तथा धारा 137(2) के तहत 3 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 3 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। वहीं, अपराध में सहयोग करने वाले आरोपी अब्दुल रहमान को पॉक्सो अधिनियम की धारा 18 के तहत 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 10 हजार रुपये अर्थदंड, भारतीय न्याय संहिता की धारा 87(3), (5) के तहत 5 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 5 हजार रुपये अर्थदंड तथा धारा 137(2), (3), (5) के तहत 3 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 3 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया। न्यायालय ने आरोपियों के कृत्य को गंभीर प्रकृति का अपराध माना।

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