मतदाता सूची में छूटे नामों के पुनः सत्यापन और नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए एक माह का विशेष अभियान

घर-घर जाकर होगा पुनः सत्यापन, पात्र मतदाताओं का फार्म-6 भरकर किया जाएगा पंजीकरण
उत्तर बस्तर कांकेर, 9 अक्टूबर 2026/ भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान मतदाता सूची से विभिन्न कारणों से विलोपित नामों के पुनः सत्यापन तथा नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए एक माह का विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत बूथ लेवल अधिकारी घर-घर जाकर विलोपित प्रविष्टियों का पुनः सत्यापन करेंगे। साथ ही पात्र नए एवं युवा मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए फार्म-6 भरवाया जाएगा। अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची में शामिल करना तथा किसी भी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में दर्ज होने से रोकना है।
एसआईआर के दौरान 34,237 मतदाताओं के नाम विलोपित
एसआईआर से पूर्व जिले में 5,69,601 मतदाता पंजीकृत थे। पुनरीक्षण के दौरान विभिन्न कारणों से 34,237 मतदाताओं के नाम विलोपित किए गए। इनमें 12,720 मृत मतदाता, 14,399 स्थायी रूप से स्थानांतरित, 2,269 अन्यत्र पंजीकृत, 4,606 अनुपस्थित तथा 243 अन्य श्रेणी के मतदाता शामिल हैं। 23 दिसंबर 2025 को प्रकाशित प्रारंभिक मतदाता सूची में 5,35,364 मतदाता थे। इसके बाद अंतिम प्रकाशन में 4,909 मतदाताओं की वृद्धि हुई। 21 फरवरी 2026 की स्थिति में जिले की अंतिम मतदाता सूची में कुल 5,40,273 मतदाता दर्ज थे।
बुधवार और गुरुवार को लगेंगे विशेष शिविर
अभियान के अंतर्गत बूथ लेवल अधिकारियों द्वारा प्रत्येक सप्ताह बुधवार एवं गुरुवार को मतदान केंद्र स्तर पर कार्यालयीन समय में विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। वहीं, शुक्रवार एवं शनिवार को पॉलिटेक्निक, कॉलेज, आईटीआई, हाई स्कूल, हायर सेकेंडरी स्कूल तथा अन्य उच्च शैक्षणिक संस्थानों में मतदाता साक्षरता क्लब के माध्यम से विशेष शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में युवा एवं भावी मतदाताओं का पंजीकरण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, बीएलओ अन्य दिनों में घर-घर जाकर सर्वे करेंगे और पात्र मतदाताओं का फार्म-6 भरवाकर उनका नाम मतदाता सूची में शामिल करने की प्रक्रिया पूरी करेंगे।
जिले की वेबसाइट पर उपलब्ध है विलोपित मतदाताओं की सूची
एसआईआर के दौरान विभिन्न कारणों से विलोपित मतदाताओं की सूची जिले की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है। अभियान के माध्यम से मतदाता सूची का पुनः सत्यापन कर पात्र नागरिकों को पंजीकरण का अवसर प्रदान किया जाएगा, ताकि कोई भी पात्र मतदाता अपने मताधिकार से वंचित न रहे।