हर दिन नया शब्द, हर दिन नई सीख ‘शब्दबीज’ से नौनिहालों की भाषा को मिलेगी नई उड़ान
प्राथमिक शिक्षा में भाषा विकास की नई पहल, शब्दबीज के लिए जिला से लेकर संकुल तक जिम्मेदारी तय
सूरजपुर 04 अक्टूबर 2026/प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों की शब्द संपदा, भाषा कौशल एवं अभिव्यक्ति क्षमता को विकसित करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा संचालित ‘शब्दबीज’ नवाचार के प्रभावी क्रियान्वयन की व्यवस्था सुदृढ़ की गई है।कलेक्टर श्रीमती रेना जमील के निर्देशानुसार जिला एवं विकासखंड स्तर पर नोडल नियुक्त किया गया हैं, जो विद्यालयों में नवाचार के क्रियान्वयन, शिक्षकों के मार्गदर्शन और नियमित मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी संभालेंगे।
जिला शिक्षा अधिकारी अशोक सिन्हा द्वारा शब्दबीज को विद्यालय स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने तथा इसकी गतिविधियों की नियमित निगरानी के लिए शिक्षा विभाग के मैदानी अमले को जिम्मेदारी सौंपी गई है। नोडल नवाचार के क्रियान्वयन की निगरानी के साथ शिक्षकों को मार्गदर्शन, आवश्यक सहयोग तथा गतिविधियों की मॉनिटरिंग सुनिश्चित करेंगे।
शब्दबीज नवाचार के जिला नोडल का दायित्व शासकीय प्राथमिक शाला चट्टीडांड़ के राज्यपाल पुरस्कृत प्रधान पाठक गौतम शर्मा को सौंपा गया है। जिला स्तर पर वे नवाचार के समग्र क्रियान्वयन, विकासखंड स्तरीय नोडल के साथ समन्वय तथा प्रगति की निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
जिला सहायक नोडल के रूप में शासकीय प्राथमिक शाला माझापारा के सहायक शिक्षक विजय बरगाह, शासकीय प्राथमिक शाला कांसापारा की सहायक शिक्षक कुमारी टेसु सुमन तथा शासकीय प्राथमिक शाला कुंजनगर के सहायक शिक्षक बुधराम को जिम्मेदारी दी गई है। साथ ही नवाचार को जिले के प्रत्येक विकासखंड तक प्रभावी रूप से पहुंचाने के लिए छह विकासखंड में नोडल की नियुक्ति की गई है।
रामानुजनगर का दायित्व संकुल समन्वयक राधेश्याम साहू, प्रेमनगर का संकुल समन्वयक पुष्पराज पाण्डेय, सूरजपुर का शिक्षक पंकज सिंह, प्रतापपुर का संकुल समन्वयक शैलेश जायसवाल,भैयाथान का संकुल समन्वयक जुगेन्द्र सोनी तथा ओड़गी का दायित्व संकुल समन्वयक दिनेश पाण्डेय को सौंपा गया है।
शब्दबीज को केवल एक शैक्षिक गतिविधि के रूप में नहीं, बल्कि प्राथमिक कक्षाओं में बच्चों की भाषा क्षमता और अभिव्यक्ति विकसित करने वाले व्यवस्थित नवाचार के रूप में तैयार किया गया है। इसके लिए तैयार की गई शब्दबीज नवाचार पुस्तिका की विषयवस्तु के चयन, लेखन एवं संपादन का कार्य प्रधान पाठक गौतम शर्मा द्वारा किया गया है। पुस्तिका में शामिल शब्दों के चयन एवं संकलन में शिक्षक विजय बरगाह, कुमारी टेसु सुमन एवं बुधराम की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। वहीं पुस्तिका के आवरण, पृष्ठांकन एवं लेआउट डिजाइन का कार्य गौतम शर्मा एवं विजय बरगाह द्वारा किया गया है।
शब्दबीज नवाचार के संपूर्ण विकास एवं क्रियान्वयन में जिला मिशन समन्वयक मनोज साहू की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उनके संयोजन में नवाचार की अवधारणा, पुस्तिका निर्माण, प्रशिक्षण, मैदानी क्रियान्वयन एवं मॉनिटरिंग को एक समन्वित रूप देने का प्रयास किया जा रहा है।
शब्दबीज का उद्देश्य बच्चों को केवल नए शब्द याद कराना नहीं, बल्कि उन्हें शब्दों से जोड़कर सुनने, बोलने, पढ़ने, लिखने, समझने और दैनिक जीवन में उसका प्रयोग करने की क्षमता विकसित करना है। इसके माध्यम से प्रत्येक बच्चे को प्रतिदिन नए शब्द से परिचित कराने तथा उसे व्यवहारिक संदर्भ में प्रयोग करने के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।
जिला प्रशासन की यह पहल प्राथमिक स्तर पर बच्चों की शब्द संपदा, भाषा कौशल, पठन क्षमता और अभिव्यक्ति को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है। जिला एवं विकासखंड स्तर पर नोडल की नियुक्ति से अब नवाचार के क्रियान्वयन को नियमित मॉनिटरिंग, शिक्षक सहयोग और परिणाम आधारित शैक्षिक सुधार से जोड़ने की दिशा में एक सुदृढ़ व्यवस्था तैयार हुई है।
शब्दबीज नवाचार के प्रभावी एवं सुव्यवस्थित क्रियान्वयन के उद्देश्य से विकासखंड शिक्षा अधिकारी एवं विकासखंड स्रोत समन्वयक के समन्वय से 5 अक्टूबर 2026 को विकासखंड स्तर पर प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। इसके उपरांत 6 अक्टूबर 2026 को संकुल स्तर पर सभी प्राथमिक शाला के शिक्षकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।प्रशिक्षण में शब्दबीज नवाचार की अवधारणा, उद्देश्य, कार्यप्रणाली तथा विद्यालय स्तर पर इसके प्रभावी क्रियान्वयन से संबंधित आवश्यक बिंदुओं पर मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
