सेवा मेरा योगदान कार्यक्रम के अंतर्गत सुरक्षित मातृत्व की पहल
87 गर्भवती माताओं को मिली विशेषज्ञ जांच की सुविधा
सुकमा, 04 अक्टुबर 2026/सेवा संकल्प अभियान 2026 के अंतर्गत सेवा मेरा योगदान कार्यक्रम के तहत 2 अक्टूबर को मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य अस्पताल, जिला चिकित्सालय सुकमा में स्पेशल एएनसी डे का आयोजन किया गया। विशेष शिविर में राज्य के बाहर से आए विशेषज्ञ रेडियोलॉजिस्ट ने रात्रि 8 बजे तक सेवाएं देते हुए 87 गर्भवती माताओं की सोनोग्राफी की। इसके साथ ही गर्भवती महिलाओं को विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श, आवश्यक जांच, उपचार एवं जरूरी औषधियां भी उपलब्ध कराई गईं। यह पहल दूरस्थ अंचलों की माताओं के लिए समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम रही।
कलेक्टर अमित कुमार के निर्देशन और सीएमएचओ डॉ. भुवन विजय कुर्रे के मार्गदर्शन में आयोजित विशेष शिविर में दूरस्थ क्षेत्रों की गर्भवती माताओं को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए जिला प्रशासन एवं जिला स्वास्थ्य समिति के द्वारा घर से अस्पताल और जांच-उपचार के बाद वापस घर तक परिवहन की व्यवस्था की गई। खंड चिकित्सा अधिकारी सुकमा, कोंटा एवं छिंदगढ़ की निगरानी में स्वास्थ्य विभाग की टीमों और मितानिनों के समन्वय से हितग्राहियों को सुरक्षित अस्पताल लाया गया और जांच पूरी होने के बाद उनके घरों तक पहुंचाया गया।
शिविर के दौरान गर्भवती माताओं एवं उनके साथ आई मितानिनों के लिए भोजन, आवश्यक दवाइयां और चिकित्सकीय सुविधाओं की भी समुचित व्यवस्था की गई। मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य अस्पताल की प्रभारी डॉ. सृष्टि बारवा, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुजा चाटे, विशेषज्ञ रेडियोलॉजिस्ट सहित चिकित्सकों, स्टाफ नर्सों, मेडिकल लैब टेक्नीशियनों, फार्मासिस्टों, पैरामेडिकल स्टाफ, महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं एवं अन्य कर्मचारियों ने समन्वित प्रयासों से शिविर को सफल बनाया।
स्पेशल एएनसी डे के माध्यम से गर्भवती माताओं को समय पर सोनोग्राफी, विशेषज्ञ परामर्श और उपचार की सुविधा एक ही स्थान पर उपलब्ध हुई। दूरस्थ क्षेत्रों की महिलाओं तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की इस पहल ने सेवा संकल्प अभियान की जनसेवा और संवेदनशीलता की भावना को साकार किया। स्वास्थ्य विभाग के इस प्रयास से सुरक्षित मातृत्व और स्वस्थ शिशु की दिशा में भरोसा मजबूत हुआ, वहीं मितानिनों और मैदानी स्वास्थ्य अमले की सक्रिय भागीदारी ने अभियान को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाया।
